क्राइम समीक्षा बैठक में एसपी किरण गंगाराम चव्हाण के सख्त निर्देश, अपराध और अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के आदेश

बालोद, :- जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं मजबूत बनाने के उद्देश्य से रविवार को जिला मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण की अध्यक्षता में क्राइम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारी, राजपत्रित अधिकारी एवं शाखा प्रभारियों ने भाग लिया।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी लंबित अपराध, चालान, वारंट, गुमशुदगी, शिकायतों एवं विवेचनाधीन प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के सभी लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें तथा न्यायालयीन चालान प्रस्तुत करने में किसी प्रकार की देरी न हो। साथ ही बाउंड ओवर की प्रभावी कार्रवाई कर असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
अवैध गतिविधियों पर होगी कठोर कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने जुआ, सट्टा, अवैध शराब, गांजा, आबकारी अधिनियम के उल्लंघन, अवैध परिवहन तथा गौवंश तस्करी जैसी गतिविधियों के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस संबंध में शिकायत मिलने पर संबंधित थाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
निगरानी और सत्यापन अभियान पर विशेष जोर
बैठक में किरायेदारों एवं बाहरी निवासियों के सत्यापन अभियान को तेज करने, निगरानी बदमाशों की नियमित चेकिंग, बीट प्रणाली को सक्रिय बनाने तथा सूचना तंत्र को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मजबूत मुखबिर तंत्र के माध्यम से अपराधों की रोकथाम समय रहते सुनिश्चित की जाए।
सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के निर्देश
यातायात व्यवस्था को लेकर भी पुलिस अधीक्षक ने सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने ड्रिंक एंड ड्राइव करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई, ओवरस्पीड वाहनों की नियमित जांच एवं चालानी कार्रवाई करने तथा दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट पर बैरिकेडिंग एवं रेडियम संकेतक लगाने के निर्देश दिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
साइबर अपराधों से निपटने की तैयारी
बैठक में प्रत्येक थाना से चयनित पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधों की विशेष ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए गए। साथ ही नेटग्रिड के माध्यम से आरोपियों की जानकारी जुटाने और साइबर फ्रॉड के प्रति आमजन को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
जनसंपर्क और संवेदनशील व्यवहार पर बल
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों के साथ शिष्ट, संयमित एवं संवेदनशील व्यवहार रखें। उन्होंने कहा कि पुलिस की सकारात्मक छवि बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है तथा जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
अचानक निरीक्षण और नियमित समीक्षा होगी
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वे समय-समय पर थानों का आकस्मिक निरीक्षण करेंगे तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यों की नियमित समीक्षा भी जारी रहेगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही थाना स्तर पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में डीएसपी मुख्यालय श्रुति सिंह, डीएसपी बोनीफास एक्का, डीएसपी राजेश बागड़े, डीएसपी माया शर्मा, रक्षित निरीक्षक रेवती वर्मा, यातायात प्रभारी, साइबर सेल प्रभारी सहित जिले के सभी थाना प्रभारी, निरीक्षक एवं पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
“सुरक्षित बालोद – सजग बालोद” के संदेश के साथ बैठक का समापन हुआ। पुलिस अधीक्षक ने दोहराया कि अपराध और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध जिले में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।




