“बारिश ने खोली नगर पालिका की पोल: घरों में घुसा गंदा पानी, प्रशासन नदारद; युवाओं ने खुद नालियों में उतरकर बचाया शीतला वार्ड, अब नगर पालिका घेराव की चेतावनी”
जन समस्या निवारण शिविर में पहले ही दी थी लिखित शिकायत, कार्रवाई नहीं हुई; सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश निर्मलकर के नेतृत्व में युवाओं ने संभाला मोर्चा, स्थायी समाधान नहीं मिलने पर उग्र आंदोलन का ऐलान।

बालोद, :– लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बालोद नगर पालिका की तैयारियों और दावों की वास्तविकता उजागर कर दी है। नगर के शीतला वार्ड (वार्ड क्रमांक-16) में भारी जलभराव के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

हालात इतने गंभीर हो गए कि गंदा पानी कई घरों में घुस गया, जिससे राशन, घरेलू सामान और अन्य कीमती वस्तुओं को भारी नुकसान पहुंचा। वार्डवासी पूरे दिन पानी निकालने और सामान बचाने में जुटे रहे, लेकिन संकट की इस घड़ी में नगर पालिका प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जलभराव की यह समस्या नई नहीं है। उन्होंने पहले आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में नालियों की सफाई, चौड़ीकरण और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर लिखित आवेदन भी दिया था। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। नालियों की समय पर सफाई नहीं होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण पहली ही तेज बारिश में पूरा वार्ड जलमग्न हो गया।

जब प्रशासन से किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली, तब वार्ड के लोगों ने स्वयं कमान संभाली। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश निर्मलकर ने युवाओं को एकजुट कर बिना किसी सरकारी सहायता का इंतजार किए नालियों की सफाई शुरू कराई। तेज बारिश के बीच युवा स्वयं नालियों में उतरकर कचरा और गाद निकालते रहे। कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद जाम नालियां खुलीं, जिसके बाद धीरे-धीरे वार्ड से पानी की निकासी शुरू हुई और लोगों को राहत मिली। वार्डवासियों ने युवाओं के इस सेवा भाव और एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय पर यह पहल नहीं होती तो नुकसान और भी अधिक हो सकता था।
घटना के बाद वार्डवासियों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि हर वर्ष बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन स्थायी समाधान निकालने के बजाय केवल औपचारिकता निभाता है। लोगों का आरोप है कि जनसमस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
शीतला वार्ड के नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि वार्ड की नालियों का तत्काल चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाए, नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए ताकि भविष्य में लोगों को इस परेशानी का सामना न करना पड़े।
वार्डवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस और स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे नगर पालिका कार्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।




