Tuesday, September 1, 2026

बिहान समूह महिलाओं की एकता और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक : संजय बैस कुसुमकसा में ‘दीदी के गोट’ कार्यक्रम आयोजित, महिलाओं ने साझा की सफलता की प्रेरक कहानियां

 

बिहान समूह महिलाओं की एकता और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक : संजय बैस
कुसुमकसा में ‘दीदी के गोट’ कार्यक्रम आयोजित, महिलाओं ने साझा की सफलता की प्रेरक कहानियां


बालोद :- छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत नया सवेरा महिला संकुल संगठन, कुसुमकसा द्वारा बुधवार को “दीदी के गोट” कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने अनुभव साझा करने, आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करने तथा शासन की आजीविका योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस उपस्थित रहे। वहीं ग्राम पंचायत प्रतिनिधि संतोष जैन एवं पंकज जेठवानी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, पुष्पगुच्छ भेंट एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। मंच पर नया सवेरा महिला संकुल संगठन की पदाधिकारी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा बिहान मिशन से जुड़ी सक्रिय दीदियां मौजूद रहीं।
कार्यक्रम स्थल पर “छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन” तथा “दीदी के गोट – दीदियों की कहानी, उन्हीं की जुबानी” विषय पर विशेष संवाद आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं ने अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को साझा किया।
मुख्य अतिथि संजय बैस ने अपने संबोधन में कहा कि आज बिहान समूह केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं की एकता, आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं संगठित होकर कार्य करती हैं तो केवल उनका परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा समाज विकास की नई दिशा में आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य प्रत्येक महिला को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वह सम्मानपूर्वक अपने परिवार और समाज में योगदान दे सके।
ग्राम पंचायत प्रतिनिधि संतोष जैन एवं पंकज जेठवानी ने भी महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह गांव के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने पंचायत की ओर से समूहों को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक हिस्सा “दीदी के गोट” संवाद रहा, जिसमें बिहान समूह से जुड़ी महिलाओं ने अपनी संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा कीं।

महिलाओं ने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने स्वरोजगार के विभिन्न कार्य शुरू किए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। कई महिलाओं ने कहा कि बिहान मिशन ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी दिया है।
इस अवसर पर महिलाओं ने सामूहिक गीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को जीवंत बनाया।

पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, सहभागिता और महिला सशक्तिकरण की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं को स्वरोजगार, बचत, उद्यमिता और सामूहिक विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

नया सवेरा महिला संकुल संगठन के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, ग्रामीणजनों एवं उपस्थित महिलाओं का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में नया सवेरा महिला संकुल संगठन की अध्यक्ष धनमत गांवडे, सचिव आरती पांडे, पीआरपी आरती वत्सल, कविता रामटेके, अमाय नागवंशी सहित बड़ी संख्या में बिहान समूह की महिलाएं, पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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