Friday, August 28, 2026

मुख्यमंत्री पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट से गरमाई सियासत, देवलाल ठाकुर के नेतृत्व में आदिवासी समाज पहुंचा जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय कांग्रेस सोशल मीडिया टीम पर एफआईआर की मांग, एससी/ एसटी एक्ट एक्ट के तहत कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग; कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

 

मुख्यमंत्री पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट से गरमाई सियासत, देवलाल ठाकुर के नेतृत्व में आदिवासी समाज पहुंचा जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय
कांग्रेस सोशल मीडिया टीम पर एफआईआर की मांग, एससी/ एसटी एक्ट एक्ट के तहत कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग; कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

बालोद :– छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लेकर सोशल मीडिया पर की गई एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट के मामले ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है।

मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक एवं भ्रामक टिप्पणी को लेकर जनजाति समाज में नाराजगी सामने आई है। मामले को लेकर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर के नेतृत्व में सर्व आदिवासी समाज एवं विभिन्न घटक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बालोद पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर शिकायत सौंपते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत और प्रदेश सोशल मीडिया प्रमुख के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की।
देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध की आड़ में जनजाति समाज के सम्मान और अस्मिता को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनजाति समाज से आते हैं और उनके खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को केवल राजनीतिक बयानबाजी मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

ठाकुर ने आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस राजनीतिक बौखलाहट में स्तरहीन राजनीति कर रही है और सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक एवं आपत्तिजनक नैरेटिव तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार है, लेकिन किसी समाज की अस्मिता और सम्मान को ठेस पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
SC/ST एक्ट समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की मांग


प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ SC/ST एक्ट सहित अन्य सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की।

समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति या संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी यदि किसी समुदाय की भावनाओं और सम्मान को प्रभावित करती है, तो पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
सार्वजनिक माफी की मांग, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन


प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो सर्व आदिवासी समाज और विभिन्न सामाजिक संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।
देवलाल ठाकुर ने कहा कि समाज की अस्मिता और सम्मान के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस दौरान सर्व आदिवासी समाज एवं विभिन्न घटक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों में अमाय नागवंशी, हीरा ठाकुर, निरंजन पटौदी, डोमार नेताम, जीवराखन भुआर्य, मदन महला, रूपेश नायक, संजू मानकर, शिवराम सिन्द्रामे, साधना सोरी और डोमेन्द्र टेकाम सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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