हर अधिकारी-कर्मचारी को हर माह 01 घंटे का आईगोट कर्मयोगी कोर्स करना होगा
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को दिए सख्त निर्देश, प्रशिक्षण कोर्स की नियमितता सुनिश्चित करने के आदेश

बालोद, :– जिले में कार्यरत सभी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए अब हर माह आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर न्यूनतम 01 घंटे का ऑनलाइन कोर्स पूरा करना अनिवार्य होगा। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी विभाग एवं कार्यालय प्रमुखों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे स्वयं आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर निर्धारित अवधि का कोर्स पूर्ण करें तथा अपने अधीनस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों को भी प्रत्येक माह न्यूनतम 01 घंटे का कोर्स अनिवार्य रूप से पूरा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
अधिकारी-कर्मचारियों की क्षमता विकास पर जोर
आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी सेवकों को उनके कार्यक्षेत्र से संबंधित विभिन्न विषयों पर ऑनलाइन प्रशिक्षण एवं सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके माध्यम से अधिकारी-कर्मचारी अपने ज्ञान, कार्यकुशलता और प्रशासनिक क्षमता को निरंतर विकसित कर सकते हैं।
शासन के निर्देश के अनुसार प्रत्येक विभाग के अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों को प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसी क्रम में बालोद जिले में भी इसे नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था के रूप में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग प्रमुखों की होगी अहम जिम्मेदारी
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि सभी विभाग एवं कार्यालय प्रमुख अपने-अपने कार्यालय में इस निर्देश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। अधिकारी-कर्मचारियों को आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध उपयुक्त कोर्स की जानकारी देने के साथ उन्हें निर्धारित समय में कोर्स पूरा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य शासकीय सेवाओं में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों को बदलती प्रशासनिक आवश्यकताओं, नई कार्यप्रणालियों एवं विभिन्न विषयों की अद्यतन जानकारी से जोड़ना है, ताकि सरकारी कार्यों की गुणवत्ता और दक्षता में और सुधार हो सके।
जिले के सभी विभागों में इस निर्देश के पालन के साथ अधिकारी-कर्मचारियों के सतत क्षमता विकास को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।




