Sunday, August 30, 2026

छत्तीसगढ़ में सरकारी दफ्तरों में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, वर्षों से एक ही सीट पर जमे अधिकारी-कर्मचारियों का होगा तबादला सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश जारी, मंत्रालय से लेकर कलेक्टर कार्यालयों तक लागू होंगे नए नियम; पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की पहल

 

छत्तीसगढ़ में सरकारी दफ्तरों में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, वर्षों से एक ही सीट पर जमे अधिकारी-कर्मचारियों का होगा तबादला

सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश जारी, मंत्रालय से लेकर कलेक्टर कार्यालयों तक लागू होंगे नए नियम; पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की पहल


रायपुर :– छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने, प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि लंबे समय से एक ही पद, शाखा या टेबल पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को अब वहां से हटाया जाएगा।

यह व्यवस्था मंत्रालय, विभागाध्यक्ष कार्यालयों, संभागीय कार्यालयों, कलेक्टर कार्यालयों सहित सभी शासकीय कार्यालयों में लागू होगी।
जारी निर्देशों के अनुसार, जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने कई वर्षों से एक ही सीट पर कार्य किया है, उनका स्थानांतरण या कार्य आवंटन बदला जाएगा।

विभाग का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर बने रहने से कार्यप्रणाली प्रभावित होती है और अनियमितताओं तथा भ्रष्टाचार की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए समय-समय पर जिम्मेदारियों में बदलाव आवश्यक है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों में ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची तैयार करें, जो लंबे समय से एक ही पद या टेबल पर कार्यरत हैं। इसके बाद निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका स्थान परिवर्तन सुनिश्चित किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनहितैषी बनाना है।

अधिकारियों का मानना है कि कार्यों का नियमित रोटेशन होने से न केवल कार्यालयीन कार्यों में गति आएगी, बल्कि कर्मचारियों की कार्यकुशलता भी बढ़ेगी और किसी एक व्यक्ति पर अत्यधिक निर्भरता समाप्त होगी।
इस आदेश के लागू होने के बाद प्रदेश के विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर कार्य आवंटन और सीट परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

माना जा रहा है कि इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक सुगमता और निष्पक्षता से मिल सकेगा।

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