नवविवाहिता की आत्महत्या मामले में बड़ी कार्रवाई : दहेज प्रताड़ना के आरोप में पति, सास, ससुर और ननद गिरफ्तार
पुलिस की गहन जांच में सामने आया दहेज उत्पीड़न का मामला, चारों आरोपियों को भेजा गया न्यायिक हिरासत में
बालोद/गुरूर। गुरूर थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की संदिग्ध मृत्यु के मामले में पुलिस ने विस्तृत जांच के बाद दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करते हुए मृतका के पति, सास, ससुर और ननद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि विवाह के बाद मृतका को दहेज कम लाने, रंग-रूप और अन्य बातों को लेकर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे तंग आकर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर इस मामले की गहन जांच की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी गुरूर श्रीमती माया शर्मा एवं थाना प्रभारी मुकेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की बारीकी से विवेचना की।
पुलिस के अनुसार, 24 फरवरी 2026 को गुरूर की गुलमोहर कॉलोनी स्थित किराए के मकान में रहने वाली 28 वर्षीय मीनाक्षी भतरिया ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना की सूचना पर थाना गुरूर में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। मृतका नवविवाहिता होने के कारण कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पंचनामा एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान साइबर सेल की सहायता से मोबाइल कॉल डिटेल प्राप्त की गई तथा मृतका के माता-पिता, भाई-बहन एवं अन्य परिजनों के बयान दर्ज किए गए। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि विवाह के बाद मृतका को उसके पति प्रवीण कुमार भतरिया, ससुर पग्गू लाल भतरिया, सास गीता भतरिया तथा ननद करूणा भतरिया द्वारा लगातार दहेज कम लाने, रंग-रूप को लेकर ताने देने तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उसे नौकरानी की तरह रहने की बात कहकर अपमानित किया जाता था।
पुलिस ने जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 7 जुलाई 2026 को आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। अपराध पंजीबद्ध होते ही एसडीओपी गुरूर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दुर्ग जिले के ग्राम पथर्रा में दबिश देकर चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बालोद के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
प्रवीण कुमार भतरिया (पति)
पग्गू लाल भतरिया (ससुर)
गीता भतरिया (सास)
करूणा चतुर्वेदानी (ननद)
सभी आरोपी ग्राम पथर्रा, थाना भिलाई-3, जिला दुर्ग के निवासी हैं।
पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच में एसडीओपी श्रीमती माया शर्मा, थाना प्रभारी मुकेश सिंह, सहायक उपनिरीक्षक कुलेश्वर यादव, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक वीणा मरावी, आरक्षक पिताम्बर निषाद, विवेक सिन्हा एवं कोमल साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




