वर्षा ऋतु में आकाशीय बिजली से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
सीएमएचओ डॉ. जे. एल. उइके ने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील

बालोद, :– मानसून के दौरान आकाशीय बिजली एवं वज्रपात की घटनाओं में वृद्धि की संभावना को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे. एल. उइके ने जिलेवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली प्राकृतिक आपदा है, जिससे बचाव के लिए समय रहते सुरक्षा उपाय अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. उइके ने बताया कि वर्षा ऋतु में बिजली चमकने एवं बादलों की गर्जना सुनाई देने पर लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं।

यदि घर में हों तो नंगे पैर पानी के नल को न छुएं तथा बिजली से संचालित उपकरणों को बंद कर दें। खुले स्थानों, बिजली के खंभों, मोबाइल टावरों तथा धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन, साइकिल, ट्रक, नौका अथवा अन्य खुले वाहनों में यात्रा कर रहे लोग मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर शरण लें।
धातु की डंडी वाले छाते का उपयोग न करें तथा कपड़े सुखाने के लिए लोहे के तार के बजाय जूट अथवा सूत की रस्सी का उपयोग करें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने किसानों, मजदूरों एवं ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि खेतों में कार्य करते समय मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
यदि सुरक्षित स्थान उपलब्ध न हो तो सूखी लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्तों का उपयोग कर स्वयं को जमीन से अलग रखें तथा दोनों पैरों को सटाकर बैठें। इस दौरान जमीन पर लेटना बिल्कुल नहीं चाहिए।
डॉ. जे. एल. उइके ने कहा कि तैराकी कर रहे लोग, मछुआरे तथा जलाशयों के आसपास मौजूद नागरिक तत्काल पानी से बाहर निकल जाएं। साथ ही खुले स्थानों पर समूह में खड़े होने से बचें और एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें तथा आकाशीय बिजली से बचाव संबंधी दिशा-निर्देशों को गंभीरता से अपनाएं, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि एवं दुर्घटना से बचा जा सके।




