Tuesday, September 1, 2026

रावघाट-दुर्ग डबल रेल लाइन की स्वीकृति की उठी मांग, बैलाडीला के लौह अयस्क से छत्तीसगढ़ को मिले विकास की नई रफ्तार : मधुकांत यादव रेल मंत्री और प्रधानमंत्री को भेजा गया मांग पत्र, जगदलपुर से रायपुर तक मेमू ट्रेन, नए स्टील प्लांट और नई रेल परियोजनाओं की भी मांग

 

रावघाट-दुर्ग डबल रेल लाइन की स्वीकृति की उठी मांग, बैलाडीला के लौह अयस्क से छत्तीसगढ़ को मिले विकास की नई रफ्तार :– मधुकांत यादव

रेल मंत्री और प्रधानमंत्री को भेजा गया मांग पत्र, जगदलपुर से रायपुर तक मेमू ट्रेन, नए स्टील प्लांट और नई रेल परियोजनाओं की भी मांग

बालोद। वरिष्ठ भाजपा नेता मधुकांत यादव एवं योगेन्द्र नाथ योगी ने केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ के रेल और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए रावघाट से दुर्ग तक डबल रेल लाइन के निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 60 वर्षों से दिल्ली राजहरा, बैलाडीला और एनएमडीसी की खदानों से लौह अयस्क देश के विभिन्न इस्पात संयंत्रों और निजी उद्योगों तक भेजा जा रहा है, जिससे रेलवे और केंद्र सरकार को अरबों रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

इसके बावजूद अब तक इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर दोहरी रेल लाइन का निर्माण नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मधुकांत यादव ने बताया कि एकल रेल लाइन होने के कारण यात्रियों को मेमू और पैसेंजर ट्रेनों में भारी भीड़ का सामना करना पड़ता है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर हैं। ऐसे में रावघाट से दुर्ग तक डबल लाइन का निर्माण समय की आवश्यकता बन गया है।
रावघाट से रायपुर तक प्रतिदिन मेमू ट्रेन चलाने की मांग
उन्होंने मांग की कि रावघाट से रायपुर तक प्रतिदिन मेमू पैसेंजर ट्रेन संचालित की जाए, जिससे बालोद, कांकेर और बस्तर अंचल के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिल सके। साथ ही दुर्ग से संचालित होने वाली अंबिकापुर–पुरी एक्सप्रेस, सारनाथ एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति और जयपुर हमसफर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को भविष्य में जगदलपुर से प्रारंभ किया जाए, ताकि बस्तर संभाग के लोगों को नागपुर, भोपाल, दिल्ली और उत्तर भारत की यात्रा में बेहतर सुविधा मिल सके।
जगदलपुर में बने नया स्टील प्लांट
मधुकांत यादव ने कहा कि बैलाडीला क्षेत्र से निकलने वाले उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क का अधिकतम उपयोग छत्तीसगढ़ में ही होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि भिलाई स्टील प्लांट (सेल) की तर्ज पर जगदलपुर में रेल की पटरी, स्टील रॉड और प्लेट निर्माण का नया इस्पात संयंत्र स्थापित किया जाए। इससे स्थानीय स्तर पर उद्योगों का विकास होगा और आदिवासी अंचल के हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
उन्होंने यह भी मांग की कि ऐसे उद्योगों में रोजगार के अवसरों पर प्राथमिकता छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं को दी जाए।
नई रेल परियोजनाओं को भी मिले मंजूरी
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से भानुप्रतापपुर–चंद्रपुर तथा धमतरी–कांकेर–कोंडागांव–जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देकर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने की मांग की। इसके अलावा रायपुर–दुर्ग–राजनांदगांव मेट्रो रेल परियोजना पर भी शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।
डबल लाइन से मिलेगा आर्थिक और सामाजिक लाभ
मधुकांत यादव का कहना है कि डबल रेल लाइन बनने से मालगाड़ियों का संचालन सुचारु होगा, लौह अयस्क और कोयले का परिवहन बढ़ेगा, रेलवे की आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही रेल यातायात सुगम होने से दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी और मानव व पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में बालोद और भानुप्रतापपुर रेलवे स्टेशन से खाद, सीमेंट सहित अन्य सामग्री मालगाड़ियों के माध्यम से पहुंचती है, जबकि इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में धान और चावल देश के अन्य हिस्सों में भेजा जाता है। डबल लाइन बनने से इस परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
10 वर्षों से लगातार उठा रहे हैं मांग
मधुकांत यादव ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से संसद सत्र के दौरान दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री, रेल मंत्री तथा विभिन्न सांसदों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि रावघाट से दुर्ग तक डबल रेल लाइन, नई रेल परियोजनाएं और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होती है तो छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में शामिल होगा और प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी।

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