दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचीं कलेक्टर दिव्या मिश्रा, आत्मीय संवाद से जीता दिल — शिविर में मौके पर ही 35 नए दिव्यांग प्रमाण-पत्र जारी

बालोद :– समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित ‘बाल दिव्यांग प्रमाणीकरण अभियान 2026’ के दूसरे दिन गुरूर विकासखण्ड में आयोजित शिविर में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

कलेक्टर ने महज औपचारिक निरीक्षण तक सीमित न रहते हुए दिव्यांग बच्चों और उनके परिजनों के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीयता से संवाद किया और उनकी समस्याओं, जरूरतों तथा शिविर में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।
बच्चों से आत्मीय संवाद, परिजनों से जाना हाल—अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश

शिविर में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने दिव्यांग बच्चों और उनके परिजनों से सहज भाव से बातचीत की। उन्होंने बच्चों की सुविधाओं और उनके सामने आने वाली परेशानियों के संबंध में जानकारी ली। परिजनों से भी चर्चा कर यह जाना कि उन्हें प्रमाण-पत्र बनवाने अथवा नवीनीकरण की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिव्यांगजनों को किसी भी तरह की असुविधा न हो और शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ उन्हें सरलता और सम्मान के साथ मिले। उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
कलेक्टर का बच्चों के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीयता से मिलना शिविर में मौजूद परिजनों के लिए भी भावुक और सकारात्मक अनुभव रहा। प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ मानवीय संवेदनशीलता का यह पहलू शिविर में विशेष रूप से नजर आया।
गुरूर में 413 दिव्यांगजनों का पंजीयन, 35 नए प्रमाण-पत्र मौके पर जारी

अभियान के तहत गुरूर विकासखण्ड में आयोजित शिविर में कुल 413 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया। शिविर में जांच एवं आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 35 दिव्यांगजनों को मौके पर ही नए दिव्यांग प्रमाण-पत्र जारी किए गए, जबकि 08 प्रमाण-पत्रों का नवीनीकरण किया गया।
इस अभियान का उद्देश्य दिव्यांगजनों को प्रमाण-पत्र सहित आवश्यक सेवाएं उनके क्षेत्र के नजदीक उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बार-बार दूरस्थ कार्यालयों अथवा अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें।
भोजन, पेयजल से लेकर निःशुल्क बस की व्यवस्था
शिविर में आने वाले दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा भोजन, पेयजल और निःशुल्क परिवहन के लिए बस की समुचित व्यवस्था की गई। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले हितग्राहियों को काफी सुविधा मिली।
प्रशासन की ओर से शिविर को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, जिससे दिव्यांगजन सम्मानपूर्वक अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकें।
कल गुण्डरदेही के दिव्यांगजन होंगे शामिल
अभियान के अगले चरण में 09 सितंबर 2026 को गुण्डरदेही विकासखण्ड के दिव्यांगजनों के लिए शिविर आयोजित किया जाएगा। संबंधित विकासखण्ड के दिव्यांगजन निर्धारित शिविर में पहुंचकर पंजीयन, प्रमाण-पत्र निर्माण एवं नवीनीकरण सहित उपलब्ध सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।
दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचकर उनकी जरूरतों को समझना और उनके परिजनों को भरोसा देना कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा की प्रशासनिक कार्यशैली में दिखाई देने वाली संवेदनशीलता को दर्शाता है। ‘बाल दिव्यांग प्रमाणीकरण अभियान’ जैसे प्रयास दिव्यांगजनों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें सम्मान और आत्मविश्वास देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम हैं।




