Thursday, October 29, 2026

अर्नब चक्रवात के बीच पिपरछेड़ी स्वास्थ्य केंद्र की बड़ी उपलब्धि, 24 घंटे में चार सुरक्षित प्रसव जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी बधाई, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण की सराहना

अर्नब चक्रवात के बीच पिपरछेड़ी स्वास्थ्य केंद्र की बड़ी उपलब्धि, 24 घंटे में चार सुरक्षित प्रसव

जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी बधाई, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण की सराहना

बालोद। अर्नब चक्रवात के बीच बालोद जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरछेड़ी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्परता, सेवाभाव और समर्पण का परिचय देते हुए 24 घंटे के भीतर चार महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया। प्रतिकूल मौसम के बावजूद मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की इस उपलब्धि को सराहनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।

जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए इसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभाव का सकारात्मक उदाहरण बताया।

चार महिलाओं का सुरक्षित प्रसव

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बोरी की ममता प्रजापति ने पुत्र को जन्म दिया। ग्राम बिरेतरा की लिकेश्वरी ने पुत्री को जन्म दिया। वहीं, ग्राम चारवाही की संतोषी ने पुत्री तथा इसी गांव की वंदना साहू ने पुत्र को जन्म दिया। चारों प्रसव सुरक्षित रूप से संपन्न कराए गए।

स्वास्थ्य विभाग की टीम के सामूहिक प्रयासों को मिली सफलता

इस उपलब्धि में डॉ. दुष्यंत सोनबोईर, डॉ. उस्मान खान, सरस्वती साहू, गुमिता साहू, मनीषा साहू, कविता (स्टाफ नर्स), सुरेश साहू, गीतांजलि राणा, भारती भंडारी और पूनम चुरेंद्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पूरी टीम ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं।

पांचवां प्रसव भी संभावित

समाचार लिखे जाने तक ग्राम पिपरछेड़ी की झमिता साहू प्रसव पीड़ा के चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती थीं। उनका प्रसव भी उसी दिन होने की संभावना जताई गई थी। इससे स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव सेवाओं की निरंतरता और स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रियता का पता चलता है।

विपरीत परिस्थितियों में सेवा और समर्पण की मिसाल

चक्रवात जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर जारी रखना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे समय में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरछेड़ी में 24 घंटे के भीतर चार सुरक्षित प्रसव होना स्वास्थ्य विभाग की टीम के समर्पण, जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयासों को दर्शाता है। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके द्वारा टीम को बधाई देना स्वास्थ्यकर्मियों के मनोबल को बढ़ाने वाला कदम है। प्रतिकूल मौसम में भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना स्वास्थ्य विभाग की सेवा भावना का सराहनीय उदाहरण है।

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