Tuesday, October 27, 2026

जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर युवा कांग्रेस का हल्ला बोल, स्वास्थ्य मंत्री का प्रतीकात्मक शव रखकर जताया विरोध 7 दिनों का अल्टीमेटम: 7 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अस्पताल के सामने होगा व्यापक आंदोलन

जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर युवा कांग्रेस का हल्ला बोल, स्वास्थ्य मंत्री का प्रतीकात्मक शव रखकर जताया विरोध

7 दिनों का अल्टीमेटम: 7 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अस्पताल के सामने होगा व्यापक आंदोलन

बालोद। जिला अस्पताल बालोद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, डॉक्टरों की कथित मनमानी और मरीजों को हो रही परेशानियों को लेकर जिला युवा कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का प्रतीकात्मक शव रखकर शोकसभा आयोजित की और विरोध प्रदर्शन के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर आकर्षित किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी श्री माली को 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए सात दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया गया। प्रदर्शन के दौरान एसडीएम भी उपस्थित रहीं।

गरीबों और आम जनता के इलाज पर उठाए सवाल, आखिर कहां जाएं मरीज?

जिला युवा कांग्रेस ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिला अस्पताल जिले के गरीब, मजदूर, किसान, मध्यमवर्गीय परिवारों और आम नागरिकों के लिए इलाज का सबसे बड़ा सहारा है। लोग गंभीर बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के समय बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर यहां पहुंचते हैं। लेकिन यदि इसी अस्पताल में अव्यवस्थाओं और सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़े, तो आम जनता आखिर अपनी फरियाद लेकर कहां जाए?

युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अस्पताल में डॉक्टरों की समय पर अनुपस्थिति, मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार की कमी, आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव तथा सरकारी अस्पताल की जिम्मेदारियों के बजाय निजी क्लीनिकों को प्राथमिकता दिए जाने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। संगठन का कहना है कि इन परिस्थितियों के कारण मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक परेशानी उठानी पड़ती है। इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

जिला अस्पताल को रेफरल सेंटर बनने से रोकने की मांग

प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस ने चिंता जताई कि जिला अस्पताल में पर्याप्त उपचार सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। संगठन ने मांग की कि जिला अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाओं, डॉक्टरों की उपलब्धता और मरीजों को समय पर उपचार देने की व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि लोगों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूसरे शहरों की ओर न जाना पड़े।

युवा कांग्रेस का कहना है कि सरकारी अस्पताल का उद्देश्य आम जनता को सुलभ, सस्ता और बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग, स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करना आवश्यक है।

स्वास्थ्य मंत्री के नाम प्रतीकात्मक शोकसभा, व्यवस्था सुधारने का संदेश

जिला अस्पताल की स्थिति के विरोध में स्वास्थ्य मंत्री का प्रतीकात्मक शव रखकर आयोजित शोकसभा के माध्यम से युवा कांग्रेस ने शासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। संगठन ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना और मरीजों को समय पर उपचार सुनिश्चित करना भी है।

युवा कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री से बालोद जिला अस्पताल की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक हस्तक्षेप करने तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार कराने की मांग की। संगठन ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतों का समाधान कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज को दिखाई देना चाहिए।

सात दिनों का अल्टीमेटम, मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज

जिला युवा कांग्रेस ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी श्री माली को 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए सात दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो जिला अस्पताल के सामने व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

युवा कांग्रेस के अनुसार, आगामी आंदोलन का उद्देश्य अस्पताल की व्यवस्था में सुधार, मरीजों को बेहतर उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। संगठन ने कहा कि यदि समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस संबंध में संगठन ने स्वास्थ्य विभाग और शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए जनता की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

‘यह लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, जनता के स्वास्थ्य अधिकारों के लिए’

जिला युवा कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि उसका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि बालोद जिले की जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से है। संगठन का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक व्यवहार, समय पर उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए।

युवा कांग्रेस ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला अस्पताल की व्यवस्था में सुधार होने तक संगठन अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अस्पताल में धरातल पर दिखाई देने वाले परिणाम चाहिए।

प्रदर्शन में ये रहे उपस्थित

प्रदर्शन में जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत बाला बोकाडे, शहर अध्यक्ष बालोद साजन पटेल, ब्लॉक अध्यक्ष बालोद मोहनीष पार्कर, पार्षद सुमित शर्मा, सानू पाल, देवेंद्र साहू, हिमांशु सोनी, समीर खान, फरहान खान, फैज अली, हर्ष लालवानी (काजू), अंश योगी, हिमांशु कुंबज, आर्यन साहू, लोकेश सिन्हा सहित बालोद के आम नागरिक उपस्थित रहे।

जिला युवा कांग्रेस, बालोद ने दोहराया कि जिले की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

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