साइबर फ्रॉड पीड़ितों को राहत दिलाने बालोद पुलिस की पहल, होल्ड बैंक खातों के निराकरण के लिए पुलिस और बैंक अधिकारियों की संयुक्त बैठक
MRM एवं GRM पोर्टल के माध्यम से साइबर ठगी की होल्ड राशि वापस दिलाने पर जोर, खाताधारकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बनेगी समन्वय व्यवस्था

बालोद, 12 अक्टूबर 2026। साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत दिलाने के उद्देश्य से बालोद पुलिस द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। पुलिस अधीक्षक बालोद किरण गंगाराम चव्हाण (भा.पु.से.) के निर्देशन में MRM एवं GRM पोर्टल के संबंध में बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में साइबर फ्रॉड से संबंधित मामलों में पीड़ितों की होल्ड हुई राशि वापस दिलाने, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के कारण होल्ड किए गए बैंक खातों की समस्याओं का निराकरण करने तथा पुलिस और बैंक के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद चन्द्रकांत गवर्ना एवं एसडीओपी बालोद विनय साहू की उपस्थिति में बैंक अधिकारियों के साथ विभिन्न प्रकरणों की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और समयबद्ध कार्रवाई को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक का प्रमुख उद्देश्य साइबर अपराध से प्रभावित नागरिकों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराना और बैंक खातों से जुड़ी समस्याओं का उचित समाधान सुनिश्चित करना रहा।
MRM पोर्टल से साइबर फ्रॉड पीड़ितों को राहत दिलाने पर विशेष जोर
साइबर ठगी की घटनाओं में कई बार पीड़ितों की राशि संबंधित बैंक खातों में होल्ड हो जाती है। ऐसे मामलों में पीड़ितों को उनकी राशि वापस दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को सुचारू बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में MRM पोर्टल के माध्यम से नियमानुसार कार्रवाई करने, पुलिस एवं बैंक अधिकारियों के बीच आवश्यक जानकारी साझा करने और प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक देरी से बचने के संबंध में चर्चा की गई।
पुलिस और बैंक के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से साइबर फ्रॉड से संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई को गति देने तथा पीड़ितों को नियमानुसार राहत दिलाने में सहायता मिल सकेगी।
GRM पोर्टल से होल्ड बैंक खातों की समस्याओं के समाधान की पहल
बैठक में उन बैंक खातों का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया, जिनमें अज्ञात स्रोत से राशि प्राप्त होने या संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के कारण खाते होल्ड कर दिए गए हैं। ऐसे मामलों में खाताधारकों को होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस एवं बैंक अधिकारियों द्वारा आपसी समन्वय से त्वरित और उचित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
GRM पोर्टल के माध्यम से संबंधित शिकायतों और प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए आवश्यक जानकारी, दस्तावेजों एवं प्रकरण की परिस्थितियों के आधार पर नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करने की बात कही गई। इससे वास्तविक खाताधारकों की समस्याओं को समझने और संबंधित मामलों में उचित कार्रवाई करने में मदद मिल सकेगी।
पुलिस और बैंक के बीच समन्वय से बढ़ेगी कार्रवाई की प्रभावशीलता
साइबर अपराध के मामलों में समय पर सूचना, बैंकिंग लेनदेन से संबंधित जानकारी और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि साइबर फ्रॉड से जुड़े प्रकरणों में पुलिस और बैंक अधिकारी आपसी सहयोग से आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि पीड़ितों को राहत दिलाने तथा होल्ड खातों से संबंधित समस्याओं के समाधान में तेजी लाई जा सके।
बालोद पुलिस की इस पहल का उद्देश्य साइबर अपराध से प्रभावित लोगों को उचित मार्गदर्शन देना, वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में कार्रवाई को प्रभावी बनाना और आम नागरिकों में सुरक्षित बैंकिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
बालोद पुलिस की आम नागरिकों से अपील
बालोद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे बैंक खातों का इस्तेमाल करते समय विशेष सतर्कता बरतें और किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में आकर अपने खाते का दुरुपयोग न होने दें।
पुलिस की प्रमुख अपीलें इस प्रकार हैं—
- अनजान व्यक्ति के कहने पर लेनदेन न करें: किसी अपरिचित व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते में रकम प्राप्त करने या उसे आगे किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर करने से बचें।
- बैंक खाते का दुरुपयोग न होने दें: अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, ओटीपी, पिन या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें।
- कमीशन के लालच में न आएं: थोड़े से आर्थिक लाभ के लिए अपने खाते में दूसरों की रकम प्राप्त कर आगे भेजना गंभीर कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जा सकता है।
- खाता होल्ड होने पर उचित प्रक्रिया अपनाएं: यदि आपका बैंक खाता होल्ड हो गया है, तो संबंधित बैंक शाखा से संपर्क कर इसका कारण और आगे की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें। साइबर फ्रॉड से संबंधित मामला होने पर संबंधित पुलिस इकाई से संपर्क कर आवश्यक सहयोग लें।
- संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से बचें: किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बिना उचित जानकारी और सत्यापन के वित्तीय लेनदेन न करें।
साइबर सुरक्षा के लिए सतर्कता जरूरी
बालोद पुलिस ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए नागरिकों की जागरूकता और सतर्कता बेहद आवश्यक है। बैंकिंग संबंधी जानकारी सुरक्षित रखने, अनजान व्यक्तियों के साथ वित्तीय लेनदेन से बचने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना समय पर देने से साइबर अपराधों की आशंका को कम करने में मदद मिल सकती है।
बालोद पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, साइबर अपराधों पर नियंत्रण तथा साइबर फ्रॉड पीड़ितों को नियमानुसार राहत दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बालोद पुलिस — सुरक्षा, सेवा एवं विश्वास।




