ठेका पद्धति और विभागीय स्थानांतरण नीति के विरोध में वन कर्मचारी लामबंद, हड़ताल की स्थिति बनी तो बालोद जिला रहेगा तैयार
जिलास्तरीय बैठक में कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर मंथन, संगठन ने एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का लिया निर्णय

बालोद। छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ, जिला शाखा बालोद की जिलास्तरीय बैठक 28 सितंबर 2026 को वन काष्ठागार बालोद के नीलाम हॉल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष राजेश उपाध्याय ने की। इस दौरान जिलेभर से उपस्थित वन कर्मचारियों में संगठन के प्रति उत्साह और एकजुटता देखने को मिली।

बैठक में वर्तमान परिस्थितियों तथा कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। विशेष रूप से ठेका पद्धति का विरोध और विभागीय स्थानांतरण नीति को लेकर कर्मचारियों ने अपनी आपत्तियां और चिंताएं रखीं। उपस्थित कर्मचारियों एवं संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि कर्मचारी हितों से जुड़े विषयों को लेकर संगठन अपनी आवाज मजबूती से उठाता रहेगा।
हड़ताल की स्थिति में बालोद जिला रहेगा तैयार
बैठक में चर्चा के दौरान यह भी कहा गया कि यदि प्रदेश स्तर पर उक्त विषयों को लेकर हड़ताल की स्थिति निर्मित होती है, तो छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ जिला शाखा बालोद प्रांतीय संगठन के निर्णय का समर्थन करते हुए हड़ताल के लिए तैयार रहेगा। इस दौरान कर्मचारियों ने सर्वसम्मति से संगठनात्मक एकजुटता का परिचय दिया।
कर्मचारी हितों के लिए संघर्ष तेज करने पर जोर
बैठक में संघ के प्रतिनिधिमंडल, मार्गदर्शक वरिष्ठजनों एवं उपस्थित कर्मचारियों ने कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। संगठन की ओर से कहा गया कि कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर सामूहिक रूप से आवाज उठाई जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
बैठक के अंत में कर्मचारियों ने संगठन की एकता बनाए रखने और सामूहिक रूप से कर्मचारी हितों के लिए कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। इस दौरान “छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ जिंदाबाद” और “कर्मचारी एकता जिंदाबाद” के नारों से बैठक स्थल गूंज उठा।




