Tuesday, September 1, 2026

बीआरसी में प्रतिनियुक्ति से नाहंदा स्कूल में शिक्षकों का संकट, ग्रामीणों ने मूल पदस्थापना पर तत्काल कार्यमुक्त करने की उठाई मांग शिक्षक की कमी से प्रभावित हो रही बच्चों की पढ़ाई, जनदर्शन में कलेक्टर से लगाई गुहार

 

बीआरसी में प्रतिनियुक्ति से नाहंदा स्कूल में शिक्षकों का संकट, ग्रामीणों ने मूल पदस्थापना पर तत्काल कार्यमुक्त करने की उठाई मांग
शिक्षक की कमी से प्रभावित हो रही बच्चों की पढ़ाई, जनदर्शन में कलेक्टर से लगाई गुहार


बालोद :–  गुरूर विकासखंड के ग्राम नाहंदा स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में शिक्षक की कमी को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन सौंपते हुए तत्काल व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि विज्ञान विषय के शिक्षक  शैलेन्द्र पाण्डेय वर्तमान में बालोद विकासखंड के बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) के पद पर प्रतिनियुक्ति में कार्यरत हैं, जिसके कारण विद्यालय लंबे समय से शिक्षक संकट से जूझ रहा है और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि  शैलेन्द्र पाण्डेय का 09 जून 2025 से युक्तियुक्तकरण के तहत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नाहंदा में विज्ञान शिक्षक के पद पर पदस्थापन किया गया था। इसके बाद उन्हें प्रतिनियुक्ति पर बालोद ब्लॉक के बीआरसी पद पर भेज दिया गया, जिससे विद्यालय में विज्ञान शिक्षक का पद प्रभावी रूप से रिक्त हो गया।
शासन के आदेश के बाद भी नहीं हुई कार्यमुक्ति
ग्रामीणों ने आवेदन में उल्लेख किया है कि शासन के पत्र क्रमांक एम.आई.एस./N-123/445, दिनांक 26 जून 2026 के अनुसार कार्यालयों में संलग्न सभी कर्मचारियों को उनकी मूल पदस्थापना पर कार्यमुक्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

इस आदेश के तहत डौण्डी, डौण्डीलोहारा, गुण्डरदेही एवं गुरूर विकासखंड के बीआरसी अधिकारियों को मूल पदस्थापना के लिए कार्यमुक्त करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
लेकिन बालोद विकासखंड के बीआरसी के रूप में कार्यरत श्री शैलेन्द्र पाण्डेय को अब तक कार्यमुक्त नहीं किए जाने से नाहंदा विद्यालय में शिक्षक की समस्या जस की तस बनी हुई है।
बच्चों का भविष्य हो रहा प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षक की कमी के कारण विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से विज्ञान विषय की शिक्षा बाधित होने से बच्चों के शैक्षणिक स्तर और भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शासन के आदेश का पालन करते हुए  शैलेन्द्र पाण्डेय को तत्काल बीआरसी पद से कार्यमुक्त कर उनकी मूल पदस्थापना शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नाहंदा में कार्यभार ग्रहण कराया जाए, ताकि विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शिक्षक श्री शैलेन्द्र पाण्डेय को तत्काल उनकी मूल शाला में कार्यमुक्त कर पदस्थ किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके तथा विद्यालय में लंबे समय से चली आ रही शिक्षक की समस्या का समाधान हो।
कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी के नाम सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों ने कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी, बालोद के नाम जनदर्शन में ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि शासन के निर्देशों का पालन करते हुए ।

शैलेन्द्र पाण्डेय को तत्काल उनकी मूल पदस्थापना पर कार्यमुक्त किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षक की कमी का सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है, इसलिए इस विषय में शीघ्र निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम के प्रमुख नागरिक मोतीराम नागवंशी, लक्ष्मण चंद्रवंशी, राजेन्द्र मंडावी, सुरेश मंडावी सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

 

 

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