सामूहिक सहभागिता से बालोद जिले को ’टीबी मुक्त’ बनाने का लें संकल्प: कलेक्टर श्रीमती मिश्रा
’निक्षय मित्र’ बनकर क्षय रोगियों को संबल प्रदान करने तथा लक्षणों को न छिपाने की अपील


कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय से लगातार खांसी हो, सायंकाल के समय बुखार आता हो, अचानक वजन में गिरावट आ रही हो अथवा भूख न लग रही हो, तो इसे सामान्य शारीरिक कमजोरी मानकर नजर अंदाज न करें। ये लक्षण क्षय रोग (टीबी) के संकेतक हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इन लक्षणों को समय पर पहचानें और बीमारी को छिपाने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें।
कलेक्टर ने अवगत कराया कि बालोद जिले के समस्त शासकीय अस्पतालों, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी की अत्याधुनिक जांच (बलगम एवं सीबीनाट टेस्ट) सहित संपूर्ण उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। प्रभावित नागरिक समय पर इन शासकीय सुविधाओं का लाभ उठाकर पूर्णतः स्वस्थ हो सकते हैं।

उन्होंने समाज के सक्षम नागरिकों, स्वैच्छिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि वे सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए ’निक्षय मित्र’ के रूप में अपना पंजीकरण कराएं।

निक्षय मित्र बनकर क्षय रोगियों को गोद लें तथा उन्हें आवश्यक पौष्टिक आहार किट एवं मानसिक संबल प्रदान करें, जो उनके त्वरित स्वास्थ्य लाभ के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।

कलेक्टर ने समाज से क्षय रोगियों के प्रति सकारात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि टीबी ग्रसित व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव या अलगाव न बरतें, बल्कि उन्हें निर्धारित समयावधि तक नियमित उपचार लेने हेतु निरंतर प्रेरित करें।




