कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में प्रेसवार्ता ली।
इस वार्ता में प्रमुख बिंदुओं पर दिय्या गया जोर
• जनगणना कार्य
• टीबी मुक्त भारत अभियान
• पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
• प्लास्टिक मुक्त ग्राम पंचायत अभियान
• iGOT कर्मयोगी के संबंध में मीडिया प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की।

बालोद :- इस दौरान उन्होंने जनगणना कार्य, टीबी मुक्त भारत अभियान, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, प्लास्टिक मुक्त ग्राम पंचायत अभियान और आइजीटीओ कर्मयोगी के संबंध में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की। उक्त योजनाओ के संबंध में उन्होंने विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
प्रधानमंत्री सूर्य घर की जानकारी देते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि योजना के तहत घर की छत पर सौर ऊर्जा (सोलर पैनल) लगाने वाले घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट पर 1,08,000 रुपये की सब्सिडी प्राप्त होगी। बालोद जिले में कुल 2,067 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है, जिसमें 606 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हो चुके हैं और 372 उपभोक्ताओं को सब्सिडी दी जा चुकी है। 262 उपभोक्ताओं का स्थापना कार्य प्रगति पर है। योजना में सरकारी बैंकों से ऋण सुविधा भी उपलब्ध है। यह योजना आम नागरिकों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी है और 25 वर्षों तक बचत व आय का स्त्रोत बनेगी।
उन्होंने बताया कि भारत की जनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण

मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का होगा, जो अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक चलेगा। छत्तीसगढ़ में यह 1 मई से 30 मई 2026 तक आयोजित होगी। दूसरा चरण जनसंख्या गणना का फरवरी 2027 में होगा। बालोद जिले के लिए 2 मास्टर ट्रेनर नियुक्त किए गए हैं, जिनका प्रशिक्षण 9 से 12 मार्च 2026 तक प्रशासन अकादमी, निमोरा में होगा। 35 फिल्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण 23 से 29 मार्च 2026 तक जिला स्तर पर आयोजित होगा।
जिले में जिला अतिरिक्त अधिकारी, जनगणना जनगणना
अधिकारी, डीआईओ और चार्ज जनगणना अधिकारी का प्रशिक्षण 6 और 7 मार्च 2026 को सम्पन्न हो चुका है। बालोद जिले में कुल 1,548 प्रगणक, 161 रिजर्व प्रगणक, 264 पर्यवेक्षक और 37 रिजर्व पर्यवेक्षक नियुक्त हैं। चार्ज जनगणना अधिकारी (ग्रामीण नगर) द्वारा कुल 2,010 प्रगणक/पर्यवेक्षक की सूची तैयार की गई है। निर्देशालय के अनुसार, 18 तकनीकी सहायक और 1 एमटीएस के लिए टेंडर जारी किया गया है, जिनका कार्य अप्रैल 2026 के प्रथम सप्ताह में पूर्ण होने का अनुमान है।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओसुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, अजय किशोर लकरा, और डिप्टी कलेक्टर प्राची ठाकुर, जिला मुख्यचिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जे एल उइके, सहित जिले के सभी प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के ब्यूरो चीफ व प्रतिनिधि मौजूद थे।
विद्युत में दी जा रही छूट जिले में विद्युत वितरण और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में नए कीर्तिमान स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2025-26 में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या, लाइनों की लंबाई और उपकेंद्रों की क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है। जिले में 33/11 केवी के दो नए उपकेंद्र बालोद शहर और खपराभाट में स्थापित किए गए हैं।
इसके अलावा 80 ट्रांसफार्मर, 26 किमी एलटी लाइन और 19 किमी 11 केवी लाइन का काम जारी है। दल्लीराजहरा में 33/11 केवी पावर ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि के साथ दल्ली शहर में 7.2 किमी अतिरिक्त 33 केवी लाइन स्वीकृत की गई। इससे अंतिम छोर के उपभोक्ता तक लगातार गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुँच रही है। वर्ष 2025-26 के लिए पंप कनेक्शन लक्ष्य 580 से बढ़ाकर 1,059 किया गया। गरीब तबके को राज्य शासन की विद्युत छूट लगातार दी जा रही है। औद्योगिक विकास में उच्चदाब के 56 और निम्नदाब के 201 कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे जिले में समृद्धि और विकास सुनिश्चित हो रहा है।
502 सक्रिय मरीजों का चल रहा है इलाज उन्होंने बताया कि बालोद जिले में टीबी उन्मूलन के
लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। जिले में टीबी संदिग्ध 14,313 लोगों की आधुनिक जांच मशीनों से और कमजोर समूह के 14,500 लोगों की चेस्ट एक्सरे से जांच की जा चुकी है। वर्तमान में 502 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है, जिन्हें निःशुल्क उपचार और पोषण सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त 1,126 निक्षय मित्रों द्वारा 3,188 पोषण आहार किट भी वितरित की जा चुकी हैं।
बालोद जिला टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में अच्छा प्रगति कर रहा है।




