कलेक्टर श्रीमति दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उईके मार्गदर्शन में *विश्व ग्लाकोमा सप्ताह में 2511 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया 265 मोतियाबिंद के मरीज मिले

बालोद :- श्रीमति दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उईके जिला कार्यक्रम प्रबंधक अखिलेश शर्मा, सहायक जिला नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में 8 मार्च से 14 मार्च 2016 तक विश्व ग्लाकोमा सप्ताह का आयोजन पूरे जिले के प्रत्येक विकास खण्ड में किया गया। प्रचार प्रसार के माध्यम से जन जागरुकता अभियान चलाया गया।

पूरे जिले में 114 शिविरों के माध्यम से 2511 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया, परीक्षण उपरान्त संभावित ग्लाकोमा के मरीज 09, मोतियाबिन्द 265, वाटरिंग वाले 134, रेडनेश (लाल आंख) 111, टेरेजियम 106, विटामिन ए की कमी 08, अफेकिया 12 ड्राय आई 38, कंजेक्टिवाइटिस 34, वाइरल कंजेक्टिवाइटिस 4 मरीज मिले। सभी मोतियाबिंद मरीजों का आपरेशन जिला अस्पताल एवं गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) के माध्यम से कराया जावेगा।
इस दौरान जिला अस्पताल में 12 मरीजों का आपरेशन किया गया। गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) द्वारा 54 मरीजों आपरेशन किया गया। नजदीक नजर का चश्मा 195 मरीजों को निःशुल्क वितरण किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य मुख्यता दृष्टिहीनता को रोकना, सही समय पर मरीजों को पहचान कर ईलाज हेतु उच्च संस्थान (शासकीय) में जिला-चिकित्सालय एवं चिकित्सा महाविद्यालय तथा एम्स में भेजना। विश्व ग्लाकोमा सप्ताह आयोजन सभी विकासखण्ड में किया गया।
जिसमें आम जनता जागरूक होकर समय पर अपना ईलाज करा सके। परिचर्चा एवं संगोष्ठी के माध्यम से पढ़ने वाली बच्चों का मोबाईल एवं टी.बी. से दूरी बनाकर रखने की सलाह दी गई।
टी.बी., मोबाइल से ज्यादा देर तक लगे रहने से नजर की कमी, आंखो में जलन आंखों में दर्द, आंखों के परदा में परेशानी आ सकती है।
आजकल ज्यादातर बच्चे सिरदर्द की शिकायत लेकर खास्थ्य संस्था में ज्यादा पहुंचते है। नजर ठीक होने के बाद भी सिर दर्द की शिकायत ज्यादा करते है।
ये सब ज्यादा मोबाईल का उपयोग करने की वजह से होता है। इससे बचना जरूरी है। । सभी स्वस्थ्य रहे। स्वास्थ्य विभाग की विशेष आग्रह है।
अनिल कुमार सिन्हा
सहायक जिला नोडल अधिकारी (अंधत्व)
जिला बालोद (छ.ग.)




