बेसहारा बुजुर्ग के लिए सहारा बनीं कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, प्रशासन की पहल से वृद्धाश्रम पहुंचाया गया

बालोद। इंसानियत और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल पेश करते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के प्रयासों से दर-दर भटक रहे एक बेसहारा बुजुर्ग को आखिरकार सहारा मिल गया। करीब पखवाड़े भर से मदद की तलाश में भटक रहे बुजुर्ग की स्थिति की जानकारी जैसे ही कलेक्टर को मिली, उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए समाज कल्याण विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जानकारी के अनुसार बुजुर्ग पिछले कई दिनों से बेसहारा स्थिति में इधर-उधर भटक रहे थे। बताया गया कि उनके पैसे उनके ही अपनों द्वारा ले लिए गए थे, जिसके बाद उनके सामने रहने और जीवन-यापन की समस्या खड़ी हो गई। लंबे समय तक दर-दर की ठोकरें खाने के बाद जब यह मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में आया तो कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए तत्काल बुजुर्ग की मदद के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने तत्काल दिए समाज कल्याण विभाग को निर्देश
मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग के उप. संचालक अजय गेडाम को बुजुर्ग की स्थिति का पता लगाकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग की टीम सक्रिय हुई और बुजुर्ग को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराते हुए उनके लिए सुरक्षित ठिकाने की व्यवस्था की गई।
पखवाड़े भर की भटकन के बाद मिला सुरक्षित आश्रय
समाज कल्याण विभाग की टीम ने बुजुर्ग को सुरक्षित रूप से वृद्धाश्रम पहुंचाया। वृद्धाश्रम पहुंचने के बाद बुजुर्ग के चेहरे पर राहत और खुशी नजर आई। लंबे समय से जिस सहारे की उन्हें तलाश थी, वह जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल से उन्हें मिल गया।
प्रशासन बना बेसहारा बुजुर्ग का सहारा
यह पूरा घटनाक्रम जिला प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली को सामने लाता है। आमतौर पर सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों के बीच किसी बेसहारा व्यक्ति की व्यक्तिगत परेशानी को गंभीरता से लेकर तत्काल मदद उपलब्ध कराना मानवीय प्रशासन की मिसाल है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से एक बुजुर्ग को न केवल सुरक्षित आश्रय मिला, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी मिला कि विपरीत परिस्थितियों में प्रशासन उनके साथ खड़ा है।
बुजुर्ग को वृद्धाश्रम पहुंचाए जाने के बाद अब उनके रहने, भोजन और देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी। जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की जा रही है।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा की संवेदनशील पहल और समाज कल्याण उप संचालक- अजय गेडाम तथा विभागीय टीम की तत्परता ने यह संदेश दिया कि जरूरतमंद और बेसहारा लोगों के लिए प्रशासन केवल व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि उनके लिए सहारा भी बन सकता है।




