Saturday, August 29, 2026

डौण्डी के स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता पर कलेक्टर सख्त, खराब रिजल्ट पर शिक्षकों को नोटिस की चेतावनी कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने प्राचार्यों-शिक्षकों की बैठक लेकर स्कूलवार परीक्षा परिणामों की ली गहन समीक्षा, उत्कृष्ट परिणाम के लिए बनाई कार्ययोजना पर अमल के दिए निर्देश

डौण्डी के स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता पर कलेक्टर सख्त, खराब रिजल्ट पर शिक्षकों को नोटिस की चेतावनी

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने प्राचार्यों-शिक्षकों की बैठक लेकर स्कूलवार परीक्षा परिणामों की ली गहन समीक्षा, उत्कृष्ट परिणाम के लिए बनाई कार्ययोजना पर अमल के दिए निर्देश

बालोद। जिले में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम को उत्कृष्ट स्तर तक पहुंचाने के लिए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा लगातार स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा कर रही हैं। इसी क्रम में उन्होंने संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में डौण्डी विकासखण्ड के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक लेकर स्कूलवार शिक्षा गुणवत्ता, परीक्षा परिणाम, विद्यार्थियों की उपस्थिति और अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल कागजी कार्ययोजना बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उसका प्रभाव विद्यालयों की कक्षाओं और विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में दिखाई देना चाहिए।

पिछले दो वर्षों के परिणाम से की तुलना, कमजोर प्रदर्शन पर जताई नाराजगी

बैठक में कलेक्टर ने डौण्डी विकासखण्ड के हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं के पिछले दो वर्षों के परीक्षा परिणामों की तुलना करते हुए शिक्षा सत्र 2025-26 के परिणामों की स्कूलवार समीक्षा की। जिन विद्यालयों का प्रदर्शन पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर नहीं रहा, वहां कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित प्राचार्यों एवं विषय शिक्षकों से खराब परिणाम के कारणों की जानकारी ली।

उन्होंने शिक्षकों से यह भी पूछा कि आगामी परीक्षाओं में परिणाम सुधारने के लिए अब तक क्या रणनीति बनाई गई है और कमजोर विद्यार्थियों के लिए किस प्रकार की अतिरिक्त तैयारी कराई जा रही है। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यालय अपने परीक्षा परिणाम को उत्कृष्ट बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करे और उसी के अनुरूप नियमित अध्ययन-अध्यापन कराया जाए।

खराब परीक्षा परिणाम पर शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि परीक्षा परिणाम खराब होने की स्थिति में संबंधित विषय शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने खराब परिणाम वाले विषयों के शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। संविदा शिक्षकों को भी इससे अलग नहीं रखा जाएगा। उन्होंने त्रैमासिक एवं अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के परिणाम खराब आने पर भी संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी दी।

कमजोर स्कूलों की विशेष निगरानी के निर्देश

कलेक्टर ने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को नियमित रूप से स्कूलों का भ्रमण करने तथा कमजोर परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर है, वहां समस्या के वास्तविक कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

उन्होंने सभी प्राचार्यों को नियमित कक्षा अवलोकन करने, शिक्षकों की अध्यापन व्यवस्था की समीक्षा करने तथा स्कूल में बैठकें आयोजित कर शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि अध्यापन कार्य बेहतर और रुचिकर होगा तो विद्यार्थियों की विद्यालय में उपस्थिति भी बेहतर होगी।

शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में संगवारी गुरूजी की नियुक्ति

डौण्डी विकासखण्ड में शिक्षकों की कमी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने सभी संबंधित प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में संगवारी गुरूजियों की नियुक्ति के लिए तत्काल प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि डौण्डी विकासखण्ड डीएमएफ प्रभावित क्षेत्र है, इसलिए जिला खनिज न्यास संस्थान के माध्यम से संगवारी गुरूजियों की नियुक्ति में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी। शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए।

स्कूल भवन और अधोसंरचना के प्रस्ताव भी तत्काल भेजें

कलेक्टर ने विद्यालयों में नवीन भवन निर्माण, शाला मरम्मत, शेड निर्माण सहित अन्य आवश्यक अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की जानकारी लेते हुए कहा कि जहां भी आवश्यकता है, वहां से तत्काल प्रस्ताव भेजे जाएं। उन्होंने वीबी-जी रामजी योजना में भी शालाओं की अधोसंरचना से संबंधित कार्यों के लिए प्रावधान होने की जानकारी दी।

इन स्कूलों के परीक्षा परिणामों की हुई विस्तृत समीक्षा

बैठक में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोड़ेकसा, आमाडुला, सुरडोंगर, मंगलतराई, घोटिया, बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डौण्डी, बोरगांव, पथराटोला, गुजरा, मरकामटोला, चिपरा, साल्हे, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय कुसुमकसा, चिखलाकसा सहित विभिन्न विद्यालयों के परीक्षा परिणामों की विस्तृत समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने संबंधित प्राचार्यों से त्रैमासिक एवं अर्द्धवार्षिक परीक्षा के परिणामों के साथ-साथ शिक्षा सत्र 2026-27 में बेहतर परिणाम के लिए तैयार की गई कार्ययोजना की जानकारी ली। उन्होंने उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले विद्यालयों की केस स्टडी तैयार कर उनके अच्छे प्रयासों को अन्य स्कूलों में लागू करने के निर्देश भी दिए।

9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों पर भी विशेष ध्यान

कलेक्टर ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन कक्षाओं में विद्यार्थियों की शैक्षणिक नींव मजबूत होने से आगे की कक्षाओं में उनके प्रदर्शन में सुधार आएगा।

उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में मेधावी विद्यार्थियों का चयन कर उनके परिणाम को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त सहयोग और मार्गदर्शन देने पर जोर दिया।

अवकाश, छात्राओं के टीकाकरण और स्वास्थ्य को लेकर भी दिए निर्देश

बैठक में कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों को निर्देश दिया कि किसी भी शिक्षक का 15 दिन से अधिक का संतान पालन अवकाश स्वीकृत न किया जाए।

उन्होंने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी विद्यालय की सभी छात्राओं का सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए आवश्यक टीकाकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। विद्यालय में किसी विद्यार्थी के गंभीर बीमारी से पीड़ित पाए जाने पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क उपचार सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने पर भी जोर

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए स्कूल स्तर पर जागरूकता एवं रोकथाम के प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रखना केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, अनुशासन और सुरक्षित वातावरण पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।

वृक्षारोपण अभियान में शिक्षा विभाग की सहभागिता की सराहना

बैठक के दौरान कलेक्टर ने जिले में चलाए जा रहे वृहद वृक्षारोपण अभियान में शिक्षा विभाग की सक्रिय सहभागिता की सराहना की। उन्होंने इस अभियान में योगदान देने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, डौण्डी विकासखण्ड के प्राचार्य, शिक्षक एवं शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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