Saturday, August 29, 2026

गोबर से बायोगैस और CNG से जुड़ी केंद्र की पहल गांवों की अर्थव्यवस्था व पर्यावरण दोनों को देगी मजबूती : वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश यादव GOBARdhan योजना और CBG ब्लेंडिंग से स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बढ़ेगा कदम

 

गोबर से बायोगैस और CNG से जुड़ी केंद्र की पहल गांवों की अर्थव्यवस्था व पर्यावरण दोनों को देगी मजबूती : वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश यादव
GOBARdhan योजना और CBG ब्लेंडिंग से स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बढ़ेगा कदम

बालोद। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा जैविक कचरे एवं गोबर को उपयोगी संसाधन में बदलने के लिए शुरू की गई GOBARdhan योजना तथा Compressed Bio-Gas (CBG) को बढ़ावा देने की नीति को वरिष्ठ भाजपा नेता एवं संजारी बालोद के जनसेवक राकेश यादव ने गांवों की अर्थव्यवस्था, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।
वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की सोच केवल कचरा प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि जैविक कचरे को ऊर्जा और आय के स्रोत में बदलने की दिशा में काम किया जा रहा है। GOBARdhan योजना के माध्यम से पशुओं के गोबर, कृषि अवशेष, रसोई एवं अन्य जैविक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग कर बायोगैस, CBG और जैविक खाद तैयार करने की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है।
गोबर और जैविक कचरे से तैयार होगी स्वच्छ ऊर्जा
राकेश यादव ने कहा कि गांवों में बड़ी मात्रा में उपलब्ध गोबर और जैविक कचरा यदि व्यवस्थित तरीके से एकत्रित कर उसका प्रसंस्करण किया जाए तो यही कचरा ऊर्जा और आर्थिक संसाधन में बदल सकता है। इससे एक ओर गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि CBG को CNG के साथ जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार की नीति स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सरकार ने CNG एवं घरेलू PNG क्षेत्र में CBG की खपत बढ़ाने के लिए चरणबद्ध CBG Blending Obligation लागू किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में 1 प्रतिशत, 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत तथा 2028-29 से 5 प्रतिशत CBG ब्लेंडिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
किसानों को मिलेगा जैविक खाद का भी लाभ
वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश यादव ने कहा कि CBG संयंत्रों का लाभ केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा। इन संयंत्रों से निकलने वाले जैविक अवशेषों से तैयार खाद का उपयोग कृषि में किया जा सकता है। इससे किसानों को जैविक उर्वरक का विकल्प मिलेगा और गोबर सहित अन्य जैविक कचरे का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
उन्होंने कहा कि इस पूरी व्यवस्था में ‘कचरे से ऊर्जा’ और ‘कचरे से खाद’ दोनों तरह का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इससे गांवों में जैविक कचरे के बेहतर प्रबंधन के साथ कृषि क्षेत्र को भी फायदा पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
छत्तीसगढ़ में CBG की अपार संभावनाएं
राकेश यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि और पशुधन प्रधान राज्य है। यहां गांवों में बड़ी मात्रा में गोबर, कृषि अवशेष और अन्य जैविक संसाधन उपलब्ध हैं। इनका वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक उपयोग कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर गोबर एवं जैविक कचरे के संग्रहण, प्रसंस्करण और CBG उत्पादन की बेहतर व्यवस्था विकसित होती है तो इससे स्वच्छता, रोजगार, किसान आय और ऊर्जा सुरक्षा को एक साथ मजबूती मिल सकती है।
‘कचरे से कंचन’ की सोच को मिलेगा विस्तार
वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की यह पहल ‘कचरे से कंचन’ की सोच को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गोबर और जैविक कचरे को बोझ मानने के बजाय उसे आर्थिक संसाधन के रूप में देखने से गांवों में नई संभावनाएं पैदा होंगी।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, किसानों की आय के नए स्रोत तैयार करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में GOBARdhan एवं CBG जैसी योजनाएं आने वाले समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इससे आत्मनिर्भर, स्वच्छ और ऊर्जा-सुरक्षित भारत के निर्माण के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।

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