साइबर ठगी के खिलाफ बालोद पुलिस का बड़ा अभियान: 2,366 विद्यार्थियों और नागरिकों को किया जागरूक
ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और OTP-PIN साझा करने से बचने दी समझाइश; 5 से 10 लोगों को जागरूक करने की अपील

बालोद। 19 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस के प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” के तहत बालोद जिले में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

अभियान के दौरान जिलेभर में कुल 2,366 छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों को साइबर अपराध, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, इंटरनेट, ऑनलाइन लेन-देन और सोशल मीडिया सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
13 थाना-चौकी क्षेत्रों में पहुंचा साइबर जागरूकता अभियान

बालोद पुलिस द्वारा थाना कोतवाली एवं साइबर सेल के माध्यम से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवारीकला, साइबर सेल द्वारा स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी हिन्दी माध्यम स्कूल खलारी, थाना डौंडी द्वारा स्वामी आत्मानंद स्कूल डौंडी, थाना डौंडी लोहारा द्वारा हाई स्कूल संबलपुर तथा पुलिस चौकी हल्दी द्वारा सिकोसा इंग्लिश मीडियम स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इसी तरह थाना सुरेगांव द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रानीतराई, थाना मंगचुवा में थाना परिसर में उपस्थित ग्रामीणजनों, थाना सनौद द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भिरई, थाना गुंडरदेही द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कचांदूर, थाना राजहरा द्वारा स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी हिन्दी माध्यम स्कूल, थाना रनचिरई द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कलंगपुर, थाना गुरुर द्वारा बालक स्कूल कोलियामार तथा थाना पुरूर द्वारा स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल पुरूर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
OTP, PIN और बैंकिंग जानकारी साझा न करने की समझाइश
कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और नागरिकों को बताया गया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। फर्जी कॉल, मैसेज, संदिग्ध लिंक, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और ऑनलाइन लेन-देन के नाम पर ठगी से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
पुलिस ने स्पष्ट रूप से समझाइश दी कि OTP, PIN, CVV, पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध मोबाइल एप डाउनलोड करने से भी बचने की सलाह दी गई।
सोशल मीडिया पर भी सतर्क रहने का संदेश

विद्यार्थियों को सोशल मीडिया अकाउंट सुरक्षित रखने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने और अनजान लोगों द्वारा भेजे गए लिंक अथवा संदेशों पर प्रतिक्रिया देने से पहले उनकी सत्यता जांचने के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीण नागरिकों को भी ऑनलाइन भुगतान एवं डिजिटल लेन-देन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की जानकारी दी गई।
जागरूक बनें और 5 से 10 लोगों को भी करें जागरूक

बालोद पुलिस ने साइबर जागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लोगों से अपील की कि साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी केवल स्वयं तक सीमित न रखें। हर जागरूक व्यक्ति कम से कम 5 से 10 अन्य लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करे, ताकि जागरूकता की श्रृंखला लगातार आगे बढ़ती रहे।
साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने नागरिकों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और संबंधित पुलिस थाना को भी सूचना दें। समय पर शिकायत करने से ठगी की राशि को रोकने अथवा वापस दिलाने की संभावना बढ़ सकती है।
बालोद पुलिस की अपील—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
जिला बालोद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करते समय हमेशा सतर्क रहें। अनजान व्यक्ति के साथ गोपनीय जानकारी साझा न करें, संदिग्ध लिंक और मैसेज से बचें, ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर बिना देरी 1930 पर शिकायत करें।
बालोद पुलिस का संदेश स्पष्ट है—डिजिटल दुनिया में एक छोटी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करें।




