कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा की पहल से जिला अस्पताल बालोद में पहली बार घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण, मरीजों को मिली नई जिंदगी
CMHO डॉ. जे.एल. उइके के मार्गदर्शन और अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज सोरी की अगुवाई में एक ही दिन दो जटिल ऑपरेशन सफल
54 वर्षीय जमुनाबाई के दोनों घुटनों और 43 वर्षीय रामप्रसाद के कूल्हे का हुआ सफल प्रत्यारोपण, महंगे निजी इलाज से मिली राहत


बालोद, 24 सितंबर 2026।
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में जिला अस्पताल बालोद ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन एवं स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों से जिला चिकित्सालय बालोद में पहली बार घुटना प्रत्यारोपण और कूल्हा प्रत्यारोपण जैसे जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए। खास बात यह रही कि एक ही दिन में दो मरीजों के सफल प्रत्यारोपण किए गए, जिससे जिले के मरीजों को अब ऐसे उपचार के लिए बड़े निजी अस्पतालों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी।
कलेक्टर दिव्या मिश्रा के मार्गदर्शन में जिला अस्पताल ने रचा नया अध्याय


जिला अस्पताल में जटिल एवं आधुनिक उपचार सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को आम नागरिकों तक सुलभ बनाने तथा शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी लाभ मरीजों तक पहुंचाने के प्रयासों के बीच यह उपलब्धि जिला अस्पताल के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है।

कलेक्टर के निर्देशानुसार मरीजों की आवश्यक जांच, उपचार की व्यवस्था तथा विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए दोनों मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया।

CMHO डॉ. जे.एल. उइके के मार्गदर्शन में पूरी हुई उपचार प्रक्रिया

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके तथा सिविल सर्जन डॉ. आर.के. श्रीमाली के कुशल मार्गदर्शन में दोनों मरीजों के आवश्यक परीक्षण एवं ऑपरेशन की तैयारियां पूरी की गईं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों की स्थिति का परीक्षण करने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
इस उपलब्धि से जिला अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और चिकित्सकीय टीम की क्षमता को भी नई पहचान मिली है।
डॉ. पंकज सोरी की अगुवाई में सफल हुए दोनों जटिल ऑपरेशन

डॉक्टर पंकज सोरी अस्थि रोग विशेषज्ञ

पूरे ऑपरेशन में जिला अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार सोरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. सोरी के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने श्रीमती जमुनाबाई के दोनों घुटनों का तथा श्री रामप्रसाद के कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण किया।

23 सितंबर को दोनों मरीजों के आवश्यक परीक्षण पूर्ण करने के बाद चिकित्सकीय टीम ने पूरी सावधानी और विशेषज्ञता के साथ ऑपरेशन किया।

वर्षों पुराने घुटनों के दर्द से जमुनाबाई को मिली राहत
ग्राम परसतराई निवासी 54 वर्षीय श्रीमती जमुनाबाई लंबे समय से घुटनों के असहनीय दर्द से परेशान थीं। दर्द के कारण उनका चलना-फिरना और दैनिक कार्य करना भी मुश्किल हो गया था। जिला अस्पताल में जांच के दौरान एक्स-रे से पता चला कि उनके दोनों घुटनों की हड्डियां काफी घिस चुकी थीं।
चिकित्सकों ने उन्हें आवश्यक उपचार और ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी। चिकित्सकीय टीम की देखरेख और समझाइश के बाद उन्होंने ऑपरेशन के लिए सहमति दी। इसके बाद उनके दोनों घुटनों का सफल प्रत्यारोपण किया गया।
छत से गिरने के बाद रामप्रसाद के लिए जिला अस्पताल बना उम्मीद की किरण
ग्राम जुंगेरा निवासी 43 वर्षीय श्री रामप्रसाद लगभग एक माह पहले छत से गिर गए थे। हादसे में उनके कूल्हे की हड्डी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी। प्रारंभ में उन्होंने पारंपरिक जड़ी-बूटी और देशी उपचार का सहारा लिया, लेकिन दर्द और परेशानी बढ़ने पर उन्हें जिला अस्पताल लाया गया।
जांच के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए कूल्हे के जोड़ के प्रत्यारोपण की आवश्यकता बताई। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने उनका सफल कूल्हा प्रत्यारोपण किया।
मरीजों और परिजनों ने जताया आभार
जटिल ऑपरेशन के सफल होने के बाद दोनों मरीजों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। निजी अस्पतालों में ऐसे उपचार पर होने वाले भारी खर्च की तुलना में शासकीय स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से जिला अस्पताल में उपचार उपलब्ध होना मरीजों के लिए बड़ी राहत है।
मरीजों और उनके परिजनों ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, CMHO डॉ. जे.एल. उइके, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार सोरी सहित जिला अस्पताल की पूरी चिकित्सकीय टीम और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
इन चिकित्सकीय सेवाओं की टीम ने निभाई अहम भूमिका
सफल ऑपरेशन में डॉ. पंकज कुमार सोरी के साथ डॉ. अविनाश मण्डावी, डॉ. एन.के. साहू, डॉ. कल्याण, श्रीमती एस. देवदास, श्रीमती पिंकी साहू, श्रीमती एस. नेताम, श्रीमती संगीता सोनी, चैतराम, श्रीमती भगवती अमरिया सहित समस्त नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिला अस्पताल में पहली बार इस तरह के जटिल प्रत्यारोपण का सफल होना जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं को जिला स्तर पर उपलब्ध कराकर जरूरतमंद मरीजों को बेहतर और सुलभ उपचार दिया जा सकता है।




