Saturday, August 29, 2026

दुधली स्कूल में सीडबॉल एवं बीजरोपण कार्यशाला, 435 विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

 

दुधली स्कूल में सीडबॉल एवं बीजरोपण कार्यशाला, 435 विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

बालोद। स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, दुधली में पर्यावरण गतिविधि एवं संरक्षण टीम, जिला बालोद के तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से सीडबॉल निर्माण एवं बीजरोपण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के 435 भैया-बहनों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।


कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8:30 बजे भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि देव कुमार देवांगन, अध्यक्षता डी.एन. यादव, विशेष अतिथि प्रहलाद साहू, भूपेंद्र कुमार धनकर एवं दीपक यादव उपस्थित रहे। कार्यशाला में प्रशिक्षक विनोद कुमार साहू एवं कमलकांत साहू ने सीडबॉल निर्माण एवं बीजरोपण की जानकारी दी।
पर्यावरण गतिविधि के जिला संयोजक संजय साहू, जिला सह-संयोजक छबि लाल कोराम, जल आयाम जिला संयोजक तथा पर्यावरण गतिविधि शैक्षिक संस्थान से कादम्बिनी यादव ने भी विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।
पर्यावरण संरक्षण मानवता का संरक्षण : डी.एन. यादव
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डी.एन. यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल किसी विषय या आंदोलन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव अस्तित्व की मूल आवश्यकता बन चुका है। वायु, जल, वन, भूमि, पर्वत, नदियां और जीव-जंतु जीवन की निरंतरता के आधार हैं। पर्यावरण का संरक्षण वास्तव में मानवता का संरक्षण है।
उन्होंने भारतीय संस्कृति में प्रकृति के प्रति सम्मान की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय जीवन-पद्धति में पृथ्वी, नदियों, वनों और पर्वतों को विशेष सम्मान दिया गया है। वेदों और भारतीय परंपराओं में भी प्रकृति संरक्षण की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
सीडबॉल निर्माण और बीजरोपण को जनआंदोलन बनाने की अपील
मुख्य अतिथि देव कुमार देवांगन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सीडबॉल निर्माण एवं बीजरोपण, वृक्षारोपण, जलस्रोतों का संरक्षण, वर्षाजल संग्रहण, जल का संयमित उपयोग तथा प्लास्टिक एवं प्रदूषणकारी पदार्थों के न्यूनतम उपयोग जैसे प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
विशेष अतिथि प्रहलाद साहू ने कहा कि सीडबॉल निर्माण एक सरल प्रक्रिया है, जिसे परिवार के सभी सदस्य मिलकर कर सकते हैं। परिवार के प्रत्येक सदस्य द्वारा कुछ सीडबॉल तैयार कर बीजरोपण करने से यह प्रयास एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि परिवार मिलकर ‘स्मृति वृक्ष’ या ‘पारिवारिक वाटिका’ तैयार करें, इससे पर्यावरण के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी बढ़ेगा।
उन्होंने वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पेड़ ऑक्सीजन प्रदान करने के साथ वायु को शुद्ध करते हैं, मिट्टी के कटाव को रोकते हैं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यार्थियों को NSPC-2026 की दी जानकारी
कार्यक्रम के अंत में संजय कुमार साहू ने विद्यार्थियों को नेशनल स्टूडेंट पर्यावरण प्रतियोगिता (NSPC-2026) के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण आधारित प्रतियोगिता है, जिसमें छात्र पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर अपनी सहभागिता दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में अधिक से अधिक भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं स्टॉफ मिलन सिंह सिन्हा, पद्मा चंद्राकर, कांती टांडिया, रामनारायण राणा, वर्षा रानी देवांगन, प्रेमसिंह साहू, निर्मला कोमिया, विजयलक्ष्मी ठाकुर, रेखा ठाकुर, वीर सिंह ठाकुर, निधिनंद, चित्रा साहू, प्रीति भीमटे, जोहरलाल बढ़ई, छविलाल जांगड़े, सुनील कुमार देशलहरे, रेखलाल भोसले, छविता रात्रे, टिकेश्वर कोठारी, शंकरदयाल बघेल, सुमन वर्मा, गरिमा, भेदबती तारम, भृत्य कुमारी बाई, स्वीपर सहित समस्त स्टॉफ का सहयोग रहा।
कार्यक्रम में पर्यावरण गतिविधि के कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों, विद्यालय स्टॉफ एवं स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। अंत में अधिक से अधिक पौधे लगाने, बीजरोपण करने तथा लगाए गए पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया।

 

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