5 करोड़ के विज्ञान केंद्र पर भाजयुमो जिलाध्यक्ष गुलशन साहू का बड़ा सवाल—पहले स्कूलों की बदहाल तस्वीर बदलिए!
भवनविहीन 64 और जर्जर करीब 100 स्कूलों का दावा, गुलशन साहू बोले—DMF की राशि से हजारों बच्चों का भविष्य संवारा जाए

बालोद। ग्राम खम्हारटोला स्थित प्राथमिक शाला में जिला खनिज न्यास निधि (DMF) से करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विज्ञान केंद्र को निरस्त करने की मांग को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। भाजयुमो जिलाध्यक्ष गुलशन साहू के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन ने जिले की शिक्षा व्यवस्था और विकास कार्यों की प्राथमिकता पर बड़ा सवाल खड़ा किया है।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष गुलशन साहू ने कहा कि संगठन विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है, लेकिन जब जिले के अनेक सरकारी स्कूल आज भी भवन, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, पेयजल और शिक्षकों जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब करोड़ों रुपये एक स्थान पर खर्च करने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार आवश्यक है।
64 स्कूल भवनविहीन, करीब 100 जर्जर होने का दावा
ज्ञापन में भाजयुमो ने दावा किया कि जिले में करीब 64 प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल भवनविहीन हैं, जबकि लगभग 100 स्कूलों के भवन जर्जर स्थिति में हैं। संगठन का कहना है कि इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
गुलशन साहू ने कहा कि यदि करीब 5 करोड़ रुपये की राशि को भवनविहीन और जर्जर स्कूलों की मूलभूत जरूरतों पर खर्च किया जाए तो बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है। ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के बच्चों के लिए यह राशि स्कूल भवन, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, पेयजल और अन्य सुविधाएं विकसित करने में उपयोगी साबित हो सकती है।
शिक्षकों की कमी पर भी उठाई आवाज
भाजयुमो ने स्कूलों में शिक्षकों, व्याख्याताओं और प्राचार्यों के रिक्त पदों को भरने की मांग भी उठाई। संगठन के अनुसार कई स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में 250 से अधिक संगवारी शिक्षकों की नियुक्ति किए जाने की मांग का भी उल्लेख किया गया, ताकि दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा मिल सके।
गर्ल्स-बॉयज टॉयलेट और अतिरिक्त कक्ष की जरूरत
भाजयुमो ने कहा कि कई स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए पर्याप्त शौचालय तक उपलब्ध नहीं हैं। विशेषकर बालिकाओं के लिए अलग और व्यवस्थित गर्ल्स टॉयलेट की व्यवस्था जरूरी है। इसके साथ ही स्कूलों में अतिरिक्त कमरे, भवन मरम्मत, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं की जरूरत बताई गई।
गुलशन साहू बोले—विकास की प्राथमिकता में छात्रहित सबसे ऊपर

भाजयुमो जिलाध्यक्ष गुलशन साहू ने कहा कि वनांचल और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन विकास की प्राथमिकता तय करते समय छात्रहित और जनहित को सर्वोच्च स्थान मिलना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि खनिज न्यास निधि की राशि का उपयोग ऐसी जगह किया जाना चाहिए, जहां उसका लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों और ग्रामीण परिवारों तक पहुंच सके।
मुख्यमंत्री से विज्ञान केंद्र की स्वीकृति निरस्त करने की मांग
भाजयुमो ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ग्राम खम्हारटोला प्राथमिक शाला में करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विज्ञान केंद्र की योजना पर पुनर्विचार कर इसे निरस्त किया जाए तथा राशि का उपयोग भवनविहीन एवं जर्जर स्कूलों, अतिरिक्त कक्षों, छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय तथा शिक्षकों की कमी दूर करने में किया जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान भाजयुमो जिलाध्यक्ष गुलशन साहू, जिला मीडिया प्रभारी अभिन्न यादव, जिला स्वाध्याय प्रमुख तेषांत देशमुख, भाजयुमो बालोद महामंत्री कमल बजाज, कोषाध्यक्ष समकित सांखला सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।




