Wednesday, June 10, 2026

सुशासन तिहार में जनता से अशिष्ट व्यवहार पड़ा भारी, दुर्ग जनपद पंचायत सीईओ रूपेश पाण्डेय निलंबित

 

सुशासन तिहार में जनता से अशिष्ट व्यवहार पड़ा भारी, दुर्ग जनपद पंचायत सीईओ रूपेश पाण्डेय निलंबित

दुर्ग :- शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार के दौरान आम नागरिकों से कथित अशिष्ट व्यवहार एवं कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोपों के चलते जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई दुर्ग संभाग के आयुक्त द्वारा जारी आदेश के तहत की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर दुर्ग ने पत्र क्रमांक 3409/स्था/2026 दिनांक 30 मई 2026 के माध्यम से सीईओ रूपेश कुमार पाण्डेय के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही प्रस्तावित की थी।

प्रस्ताव में उल्लेख किया गया था कि सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम थनौद में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर के दौरान उन्होंने आम जनता के साथ अशिष्ट व्यवहार किया तथा अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती।


मामले से संबंधित वीडियो क्लिप के अवलोकन के बाद प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। इसके आधार पर आयुक्त कार्यालय द्वारा 30 मई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि श्री पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत जवाब को संतोषजनक नहीं माना गया।


आदेश में कहा गया है कि उनका आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत है। नियम के अनुसार प्रत्येक शासकीय सेवक को पूर्ण निष्ठा, कर्तव्यपरायणता एवं शिष्ट व्यवहार बनाए रखना अनिवार्य है। साथ ही नियम 3-क के तहत किसी भी शासकीय सेवक को अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में अशिष्टता बरतने की अनुमति नहीं है।
आयुक्त ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति जवाबदेह होता है और जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार लोक सेवकों के लिए आचरण संहिता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में जनता से अशिष्ट व्यवहार को गंभीर कदाचार माना गया है।
इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
वहीं प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर दुर्ग के प्रस्ताव के अनुसार महेन्द्र कुमार जांगड़े, प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
यह आदेश 1 जून 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को सुशासन तिहार के दौरान जनता से बेहतर व्यवहार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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