कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण, सफाई व्यवस्था में मिली खामियां
डायलिसिस वार्ड साफ-सुथरा मिला, पुरुष वार्ड के मॉनिटर पर जमी धूल और शौचालय में मिली गंदगी
सीएमएचओ डॉ. जे.एल. उइके ने संबंधित कर्मचारियों को नियमित सफाई और व्यवस्थाओं में सुधार के दिए सख्त निर्देश

बालोद :- कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने 25 सितंबर को जिला चिकित्सालय बालोद का आकस्मिक निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, चिकित्सा उपकरणों, दवा वितरण, जांच सुविधाओं, मरीजों को मिलने वाली सेवाओं और साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में जहां कई सुविधाएं संतोषजनक मिलीं, वहीं कुछ स्थानों पर साफ-सफाई और रखरखाव से जुड़ी कमियां भी सामने आईं। पुरुष वार्ड में लगे मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर पर भारी मात्रा में धूल जमा मिली। वहीं पुरुष वार्ड के शौचालय में गंदगी और सफाई व्यवस्था में अनियमितता पाई गई। सीएमएचओ ने संबंधित कर्मचारियों को तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
डायलिसिस वार्ड साफ-सुथरा, शौचालय की सफाई बढ़ाने के निर्देश

डायलिसिस वार्ड के निरीक्षण के दौरान चार मरीजों का डायलिसिस किया जा रहा था। वार्ड की सामान्य व्यवस्था एवं स्वच्छता संतोषजनक पाई गई। हालांकि वार्ड से संबंधित शौचालय की सफाई व्यवस्था में कमी मिलने पर दिन में कम से कम तीन बार सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
दवा वितरण और जांच व्यवस्था का भी लिया जायजा
औषधि वितरण कक्ष के निरीक्षण में किसी भी दवा की एक्सपायरी डेट नहीं मिली। मरीजों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया जा रहा था। आयुष्मान भारत योजना के तहत नवीन आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया एवं संबंधित कार्यवाही भी जारी पाई गई।
प्रयोगशाला में आवश्यक जांचें संचालित मिलीं तथा ओपीडी में सभी चिकित्सक उपस्थित पाए गए। प्रसव वार्ड में निरीक्षण के समय 9 गर्भवती माताएं प्रसव हेतु तथा 12 माताएं प्रसवोपरांत उपचार के लिए भर्ती थीं।
मरीजों के भोजन की गुणवत्ता अच्छी, कम मसाले वाली सब्जी देने के निर्देश

अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता अच्छी पाई गई। हालांकि मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कम मसाले वाली सब्जी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
पोषण पुनर्वास केंद्र में साफ-सफाई व्यवस्था अच्छी मिली और सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए। आपातकालीन वार्ड के शौचालय में भी पर्याप्त साफ-सफाई पाई गई। अस्पताल परिसर की समग्र स्वच्छता व्यवस्था भी संतोषजनक मिली।
साफ-सफाई और उपकरणों के रखरखाव पर विशेष जोर

सीएमएचओ डॉ. जे.एल. उइके ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल के सभी वार्डों, शौचालयों और चिकित्सा उपकरणों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. आर.के. श्रीमाली, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अखिलेश शर्मा, डॉ. कल्याण वर्मा, अस्पताल सलाहकार एवं नर्सिंग सिस्टर सुनीता देवदास सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




