आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय, इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता :– राकेश यादव पूर्व प्रदेश मंत्री भाजपा

संजारी/बालोद :- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं जनसेवक राकेश यादव ने आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में आपातकाल एक ऐसा बदनुमा दाग है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि जब तक भारत में लोकतंत्र जीवित रहेगा, तब तक विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र पर आपातकाल थोपने का अपराध कांग्रेस के खाते में दर्ज रहेगा।
राकेश यादव ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों को गंभीर रूप से प्रभावित किया था।
उस दौर में हजारों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और राजनीतिक नेताओं को जेलों में बंद कर दिया गया था।
प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई तथा आम नागरिकों की स्वतंत्रता का हनन किया गया।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान जिन लोकतंत्र रक्षकों ने देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी, उन्हें वे श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं।
साथ ही उन परिवारों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं, जिन्होंने उस कठिन समय में मानसिक, सामाजिक और आर्थिक यातनाएं झेली थीं।
राकेश यादव ने कहा कि इस ऐतिहासिक घटना को 51 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन वर्तमान पीढ़ी के अनेक युवाओं को इसके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है।
इसलिए आवश्यक है कि नई पीढ़ी को आपातकाल के वास्तविक स्वरूप, उसके दुष्परिणामों और लोकतंत्र की महत्ता से अवगत कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि देशवासियों की स्वतंत्रता, अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का आधार है। लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को इतिहास की इन घटनाओं से सीख लेने की आवश्यकता है।
राकेश यादव ने अंत में कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोकतंत्र सेनानियों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और राष्ट्र उनके त्याग एवं बलिदान का ऋणी रहेगा।




