Saturday, August 29, 2026

जिला अस्पताल बालोद के डॉक्टरों ने सर्पदंश से जिंदगी की जंग हार रहे 14 वर्षीय नेमीचंद को दिया नया जीवन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे. एल. उइके के निर्देश तथा सिविल सर्जन डॉ. आर. के. श्रीमाली के मार्गदर्शन में जिला अस्पताल की टीम ने किया चमत्कारिक उपचार

जिला अस्पताल बालोद के डॉक्टरों ने सर्पदंश से जिंदगी की जंग हार रहे 14 वर्षीय नेमीचंद को दिया नया जीवन

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे. एल. उइके के निर्देश तथा सिविल सर्जन डॉ. आर. के. श्रीमाली के मार्गदर्शन में जिला अस्पताल की टीम ने किया चमत्कारिक उपचार

बालोद, 10 अगस्त 2026। वाइपर सांप के काटने से गंभीर रूप से बीमार हुए ग्राम तुमडीसुर निवासी 14 वर्षीय नेमीचंद को जिला अस्पताल बालोद के डॉक्टरों ने समय पर और प्रभावी उपचार देकर नया जीवन प्रदान किया है। बच्चे की स्थिति अत्यंत नाजुक थी और उसे किडनी इंजरी तथा यूरेमिक एन्सेफैलोपैथी जैसी जानलेवा जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे. एल. उइके के निर्देश तथा जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. आर. के. श्रीमाली के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने बिना किसी बड़े सेंटर में रेफर किए, जिला अस्पताल में ही सघन उपचार प्रारंभ किया।

लगातार 10 दिनों तक चले इस गहन उपचार के दौरान मरीज को 3 बार डायलिसिस दिया गया। मेडिकल टीम की सतत निगरानी, त्वरित निर्णय और समर्पित प्रयासों के परिणामस्वरूप नेमीचंद की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ और उसे सुरक्षित जीवनदान मिल सका।

जिला अस्पताल बालोद की इस उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद समर्पित चिकित्सा सेवाओं से गंभीर से गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे. एल. उइके के मार्गदर्शन और सिविल सर्जन डॉ. आर. के. श्रीमाली के नेतृत्व में जिला अस्पताल की टीम लगातार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस सफल उपचार में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके सामूहिक प्रयासों से एक मासूम की जिंदगी बचाई जा सकी।

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