महतारी वंदन योजना के नाम पर फर्जी कॉल से रहें सावधान, OTP-पिन किसी से साझा न करें: बालोद पुलिस
सी-मार्ट में 197 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और जगन्नाथपुर हाईस्कूल के विद्यार्थियों को साइबर अपराध व यातायात सुरक्षा की दी जानकारी

बालोद। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं के बीच बालोद पुलिस द्वारा आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के लिए जिलेभर में लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना के मार्गदर्शन में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।

इसी क्रम में मंगलवार को सी-मार्ट, बालोद में 197 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा ग्राम जगन्नाथपुर हाईस्कूल में स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव के साथ-साथ सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और यातायात नियमों की जानकारी दी गई।
महतारी वंदन योजना के नाम पर ठगी से सावधान रहने की अपील
सी-मार्ट, बालोद में एकीकृत बाल विकास परियोजना विभाग द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में 197 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई।
इस दौरान विशेष रूप से महतारी वंदन योजना के नाम पर आने वाले फर्जी फोन कॉल, मैसेज और लिंक से सावधान रहने की समझाइश दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग सरकारी योजनाओं और आर्थिक लाभ का झांसा देकर लोगों से बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास कर सकते हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट रूप से समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP, ATM PIN, पासवर्ड, बैंक खाता संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान नंबर से आने वाले संदिग्ध कॉल या संदेश पर भरोसा करने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी
साइबर सेल प्रभारी धरम भूआर्य एवं प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेंद्र ने ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी लिंक भेजकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। कई बार लिंक पर क्लिक करवाकर मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी या बैंकिंग संबंधी जानकारी तक पहुंचने का प्रयास किया जाता है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक को बिना जांचे क्लिक न करें। सोशल मीडिया पर आने वाले संदिग्ध ऑफर, इनाम, सरकारी योजना का लाभ दिलाने के दावे और बैंक संबंधी संदेशों को लेकर विशेष सतर्कता बरतें।
बच्चों के मोबाइल और सोशल मीडिया उपयोग पर निगरानी जरूरी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को लेकर भी अभिभावकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
पुलिस ने कहा कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर उचित निगरानी रखना जरूरी है। उन्हें अनजान व्यक्तियों से सोशल मीडिया पर बातचीत करने, संदिग्ध लिंक खोलने, अपनी निजी जानकारी या फोटो साझा करने और फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के खतरों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।
बच्चों को मोबाइल और सोशल मीडिया के सुरक्षित, सीमित एवं सकारात्मक उपयोग के लिए अभिभावकों द्वारा लगातार मार्गदर्शन देने पर भी जोर दिया गया।
जगन्नाथपुर हाईस्कूल में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के साथ यातायात नियमों की जानकारी
थाना बालोद पुलिस द्वारा ग्राम जगन्नाथपुर हाईस्कूल में भी साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसडीओपी बालोद विनय कुमार एवं थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में जानकारी दी।
विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी अनजान व्यक्ति से ऑनलाइन संपर्क होने पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। फर्जी प्रोफाइल, ऑनलाइन धमकी, साइबर बुलिंग, संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन ठगी जैसी घटनाओं की जानकारी तत्काल अभिभावकों, शिक्षकों अथवा पुलिस को दें।
यातायात नियमों का पालन करने की भी दी समझाइश
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यातायात सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, यातायात नियमों का पालन तथा नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं चलाने देने के संबंध में समझाइश दी।
पुलिस ने विद्यार्थियों से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
बालोद पुलिस ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। ठगी की सूचना जितनी जल्दी पुलिस तक पहुंचेगी, उतनी ही जल्दी आवश्यक कार्रवाई की संभावना बढ़ेगी।
पुलिस ने लोगों से कहा कि साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी उपाय सतर्कता और जागरूकता है। अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी ऑफर और सरकारी योजनाओं के नाम पर मांगी जाने वाली बैंकिंग जानकारी को लेकर हमेशा सावधान रहें।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी रहे उपस्थित
सी-मार्ट, बालोद में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य पूजा वैभव, नगर पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश सोनी, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया, एकीकृत बाल विकास परियोजना अधिकारी बालोद निरंजना दिवस, साइबर सेल से प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेंद्र एवं आरक्षक मनीष ठाकुर सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
वहीं ग्राम जगन्नाथपुर हाईस्कूल में आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
बालोद पुलिस ने अभियान के माध्यम से नागरिकों को संदेश दिया कि सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करते समय सतर्क रहें, अपनी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें।




