मुख्य सचिव से पहचान का झांसा देकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी
बालोद पुलिस ने महिला आरोपी को किया गिरफ्तार, फर्जी ऑफर लेटर दिखाकर 7 लोगों से वसूले 25.50 लाख रुपये
तीन पीड़ितों से 5.50 लाख की ठगी उजागर, पुलिस ने मोबाइल जब्त कर न्यायिक रिमांड पर भेजा

बालोद, 29 जून। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बालोद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी स्वयं को छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव का परिचित बताकर लोगों का विश्वास जीतती थी और कृषि विभाग, जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी विभागों में नौकरी लगाने का झांसा देकर मोटी रकम वसूलती थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त वीवो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
पुलिस के अनुसार, मरारपारा बालोद निवासी डामिन साहू (37) ने 28 जून को थाना बालोद में शिकायत दर्ज कराई कि करीब डेढ़ वर्ष पहले उनकी मुलाकात योगेश साहू निवासी नयापारा से हुई थी। योगेश ने बताया था कि उसने हाईस्कूल कनेरी में कंप्यूटर शिक्षक की नौकरी के लिए पांडेपारा निवासी लता धीवर को 3.50 लाख रुपये दिए हैं। उसने डामिन साहू और उनकी परिचित बिंदु दुबे तथा ललिता गजेंद्र को भी लता धीवर से संपर्क करने की सलाह दी।
कृषि विभाग और जिला अस्पताल में नौकरी दिलाने का दिया भरोसा
शिकायत के अनुसार, 5 मार्च 2026 को तीनों महिलाएं लता धीवर के घर पहुंचीं। वहां आरोपी ने दावा किया कि उसकी पहचान छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव से है और वह कृषि विभाग तथा जिला अस्पताल बालोद में नौकरी दिला सकती है। इसके बदले प्रत्येक व्यक्ति से दो-दो लाख रुपये की मांग की गई।
आरोपी के झांसे में आकर डामिन साहू ने 2 लाख रुपये, बिंदु दुबे ने 1.50 लाख रुपये तथा ललिता गजेंद्र ने 2 लाख रुपये दिए। इस तरह तीनों से कुल 5.50 लाख रुपये वसूल लिए गए, लेकिन न नौकरी मिली और न ही रकम वापस की गई। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जांच में सामने आया 25.50 लाख रुपये की ठगी का मामला
पुलिस पूछताछ में आरोपी लता धीवर (36), निवासी पांडेपारा, बालोद ने स्वीकार किया कि उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर सात लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 25.50 लाख रुपये वसूले थे। आरोपी ने बताया कि उसने प्राप्त राशि में से 23.92 लाख रुपये अपने साथी द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए, जबकि उसे 1.57 लाख रुपये कमीशन के रूप में मिले।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त वीवो कंपनी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 29 जून 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
फर्जी ऑफर लेटर दिखाकर जीतती थी भरोसा
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नौकरी लगने का विश्वास दिलाने के लिए फर्जी नियुक्ति (ऑफर) लेटर दिखाती थी, जिससे बेरोजगार युवक-युवतियां उसके झांसे में आकर लाखों रुपये दे देते थे।
पुलिस ने जारी की चेतावनी
बालोद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें। किसी भी नियुक्ति संबंधी जानकारी केवल संबंधित विभाग या अधिकृत माध्यम से ही प्राप्त करें। यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये मांगता है या प्रभाव का दावा करता है, तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।
इस कार्रवाई में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, उपनिरीक्षक सूरज साहू, प्रधान आरक्षक योगेश सिन्हा, आरक्षक लक्ष्मण साहू, महिला आरक्षक ममता ठाकुर एवं जागृति ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




