Wednesday, April 22, 2026

जिले के कांग्रेस भवन के सामने निर्माणाधीन अटल परिसर को लेकर बालोद की सियासत गरमाई मामले को लेकर तीनो विधायक आये सामने प्रभारी मंत्री एवं  नगरीय प्रशासन मंत्री से मुलाकात कर रखने की कही बात

 

जिले के कांग्रेस भवन के सामने निर्माणाधीन अटल परिसर को लेकर बालोद की सियासत गरमाई

मामले को लेकर तीनो विधायक आये सामने प्रभारी मंत्री एवं  नगरीय प्रशासन मंत्री से मुलाकात कर रखने की कही बात

बालोद :- जिले के कांग्रेस भवन के सामने निर्माणाधीन अटल परिसर को लेकर बालोद की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने एक बार फिर इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए प्रशासन और सरकार के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि उन्हें भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी से कोई आपत्ति नहीं, लेकिन निर्माण का स्थल अनुचित है।

सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले को लेकर आने वाले दिनों में बालोद जिले के तीनों विधायक-संगीता सिन्हा, अनिला भेड़िया, और कुंवर सिंह निषाद-प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और बालोद जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा तथा उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव से मुलाकात कर सकते हैं।

मुलाकात के दौरान वे इस निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोकवाने तथा परिसर के निर्माण के लिए वैकल्पिक स्थल चयन की मांग उठा सकते हैं।कलेक्टर से पुनः निवेदन के दौरान कांग्रेस के इस प्रतिनिधिमंडल में जिले के प्रमुख नेता शामिल रहे, जिनमें प्रमुख नाम हैं:।

जिला पंचायत सदस्यः मिथलेश निरोटी, पूर्व जिलाध्यक्षः चंद्रप्रभा सुधाकर, रत्ती राम कोसमा, ब्लॉक अध्यक्षः अंचल प्रकाश साहू, अन्य पदाधिकारीः धीरज उपाध्याय, विनोद ‘बंटी’ शर्मा, रीता सोनी, रामजी भाई पटेल, प्रेम क्षीरसागर, दाऊद खान, सागर साहू, क्रांति भूषण साहू आदि।
चंद्रेश हिरवानी, जिलाध्यक्ष कांग्रेस ने कहा कि हम अटल जी का सम्मान करते हैं, लेकिन कांग्रेस भवन के सामने अटल परिसर का निर्माण करना राजनीति से प्रेरित लगता है। कांग्रेस भवन की गरिमा और वैचारिक स्वतंत्रता को ठेस पहुंचाने की कोशिश हो रही है। हमने पूर्व में भी कलेक्टर को आवेदन दिया था, आज फिर मिले हैं।

अगर अब भी कार्य नहीं रोका गया तो कांग्रेस आगे की रणनीति बनाएगी।संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि
हम अटल जी का सम्मान करते हैं, लेकिन यह किसी की प्रतिष्ठा का सवाल नहीं बल्कि उचित स्थान चयन का विषय है। कांग्रेस भवन के ठीक बगल में निर्माण करना जानबूझकर राजनीतिक द्वंद्व को जन्म देना है। हमने पहले भी आवेदन दिया है, लेकिन अब बात सीधे सरकार तक ले जाई जाएगी।

अगर बात नहीं सुनी गई तो कांग्रेस संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों से भी चर्चा करेंगे और आगे की रणनीति बनाएंगे।अटल परिसर का निर्माण भले ही श्रद्धांजलि का प्रतीक हो, लेकिन उसका स्थल बालोद की राजनीति में एक बड़ा सवाल बन गया है।

कांग्रेस के रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में यह मामला प्रदेश की सत्ता के गलियारों तक गूंज सकता है। तो वही बालोद जिले में इस परिसर निर्माण को लेकर सियासी पारा लगातार बढ़ रहा है। मामले पर कांग्रेस आने वाले दिनों में आंदोलन की भी रणनीति बना रही है।

 

 

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