Wednesday, March 4, 2026

बालोद के गंगा मैय्या मंदिर में 1351 बेटियों को कराया गया नवकन्या भोज; 20 गांव की बेटियां हुई शामिल, कई वर्षों से निभाई जा रही है कन्याओं के सम्मान की यह परंपरा

 

बालोद के गंगा मैय्या मंदिर में 1351 बेटियों को कराया गया नवकन्या भोज; 20 गांव की बेटियां हुई शामिल, कई वर्षों से निभाई जा रही है कन्याओं के सम्मान की यह परंपरा

{बालोद :- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल मां गंगा मैय्या मंदिर, झलमला में 1351 बेटियों को नवकन्या भोज कराया गया। हवन और पूजन के बाद 20 गांवों से आई कन्याओं के चरण धोकर उन्हें मां का स्वरूप मानते हुए पूजा गया।

       बेटियों के सम्मान की पुरानी परंपरा

मंदिर ट्रस्ट के सदस्य पालक ठाकुर बताते हैं कि यह पावन परंपरा पिछले कई वर्षों से निभाई जा रही है। पहले केवल गांव की बेटियों को नवकन्या भोज कराया जाता था, लेकिन अब यह आयोजन वृहद स्तर पर होने लगा है।

    दोपहर से शाम तक चलता है नवकन्या भोज


हर वर्ष 1100 से 1500 कन्याएं इस आयोजन का हिस्सा बनती हैं। सुबह हवन के बाद, दोपहर 2:30 बजे से भोजन की शुरुआत होती है, जो शाम तक चलता है। आयोजन में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भारी सहभागिता रहती है।

   पर्यावरण के प्रति जागरूकता की मिसाल


गंगा मैय्या मंदिर केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि पर्यावरणीय चेतना का भी केंद्र है। मंदिर ट्रस्ट के संरक्षक सोहनलाल टावरी ने बताया कि परिसर में पॉलीथिन पूर्णतः प्रतिबंधित है। श्रद्धालुओं को नारियल भी कपड़े के थैले में लाने की सलाह दी जाती है।

इस अवसर पर मन्दिर समिति से आदित्य दुबे ने बताया कि यह परम्परा वर्षो से चली आ रही है,

इस अवसर पर मन्दिर समिति के अलावा जिले के प्रशासनिक अधिकारियों में   जिले के पुलिस अधीक्षक एस आर भगत, सीईओ संजय कनोजे आकाश सोनी, एडिशनल एसपी जोशी , एसडीएम सुरेश साहू, एसडीओपी देवांश रॉठोर, टीआई रविशंकर पांडे,   गणमान्य नागरिको के साथ बालोद  नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी भी रही मौजूद, उक्त जानकारी आदित्य दुबे ने दी।

रविवार को होगा ज्योत-ज्वारा विसर्जन
रविवार शाम 4 बजे मंदिर की परंपरा अनुसार ज्योत ज्वारा का विसर्जन झलमला के शीतला तालाब में किया जाएगा। इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के द्वारा आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

 

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