Saturday, August 29, 2026

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बालोद में बच्चों को खिलाई गई कृमिनाशक दवा बुनियादी शाला के स्वामी विवेकानंद सभागार में सीएमएचओ डॉ. जे.एल. उइके ने बच्चों को दी कृमि संक्रमण से बचाव की जानकारी, जिले में 3.17 लाख से अधिक बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य

 

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बालोद में बच्चों को खिलाई गई कृमिनाशक दवा
बुनियादी शाला के स्वामी विवेकानंद सभागार में सीएमएचओ डॉ. जे.एल. उइके ने बच्चों को दी कृमि संक्रमण से बचाव की जानकारी, जिले में 3.17 लाख से अधिक बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य

बालोद, 10 अगस्त 2026। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर आज बालोद जिले में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजॉल 400 मिलीग्राम खिलाई गई।

इसी क्रम में बुनियादी शाला के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने बच्चों को कृमि संक्रमण, उससे होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं तथा कृमिनाशक दवा के महत्व की जानकारी दी। इसके बाद बच्चों को निर्धारित मात्रा में कृमिनाशक दवा का सेवन कराया गया।


कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि पेट में होने वाले कृमि संक्रमण के कारण पोषण की कमी, एनीमिया, कमजोरी तथा शारीरिक एवं बौद्धिक विकास पर असर पड़ सकता है। नियमित रूप से कृमिनाशक दवा का सेवन करने से बच्चों को इन स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद मिलती है।

जिले में 3,17,444 बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत बालोद जिले में 3,17,444 बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।


अभियान के तहत जिले के सभी संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय एवं निजी विद्यालयों, शासकीय अनुदान प्राप्त शालाओं, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, मदरसों, महाविद्यालयों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों, नर्सरी स्कूलों सहित अन्य केंद्रों में बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाई जा रही है।

उम्र के अनुसार दी जा रही दवा की निर्धारित मात्रा
अभियान के तहत 1 से 2 वर्ष आयु के बच्चों को एल्बेंडाजॉल 400 मिलीग्राम की आधी गोली पानी में मिलाकर चम्मच से पिलाई जा रही है। वहीं 2 से 19 वर्ष आयु के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एक पूरी गोली चबाकर पानी के साथ सेवन कराया जा रहा है। दवा का सेवन प्रशिक्षित एवं निर्धारित सेवा प्रदाताओं की देखरेख में कराया जा रहा है।
दवा से वंचित बच्चों को 17 अगस्त को मिलेगा अवसर
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान जो बच्चे या किशोर-किशोरियां किसी कारणवश 10 अगस्त को कृमिनाशक दवा का सेवन नहीं कर पाएंगे, उन्हें 17 अगस्त 2026 को मॉप-अप दिवस के अवसर पर दवा खिलाई जाएगी। जिले के सभी संबंधित केंद्रों में मॉप-अप दिवस पर भी कृमिनाशक दवा उपलब्ध रहेगी, ताकि कोई भी पात्र बच्चा दवा से वंचित न रहे।
अभिभावकों से बच्चों को दवा खिलाने की अपील
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा का सेवन अवश्य कराएं। उन्होंने विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में अभियान के दौरान बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने में सहयोग करने का भी आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से कृमिनाशक दवा देने से कृमि संक्रमण के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव होता है तथा बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण एवं समुचित शारीरिक और बौद्धिक विकास में सहायता मिलती है।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके, कार्यक्रम प्रबंधक अखिलेश शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र सिंह, बीपीएम प्रवीण नायक, आरएमएन सलाहकार अरविंद मिश्रा एवं बीटीओ रमेश सोनबोइर सहित स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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