Sunday, August 30, 2026

गंगोरीपार की 20.60 एकड़ शासकीय भूमि के औद्योगिक आवंटन का ग्रामीणों ने किया विरोध, भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश यादव के नेतृत्व में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन ग्रामसभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ प्रस्ताव, चारागाह, मुक्तिधाम और जल संरक्षण के लिए सुरक्षित भूमि को उद्योग विभाग को आवंटित नहीं करने की मांग।

 

गंगोरीपार की 20.60 एकड़ शासकीय भूमि के औद्योगिक आवंटन का ग्रामीणों ने किया विरोध, भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश यादव के नेतृत्व में कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

ग्रामसभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ प्रस्ताव, चारागाह, मुक्तिधाम और जल संरक्षण के लिए सुरक्षित भूमि को उद्योग विभाग को आवंटित नहीं करने की मांग।


गुरूर। विकासखंड गुरूर के ग्राम पंचायत गंगोरीपार की 20.60 एकड़ शासकीय भूमि को औद्योगिक प्रयोजन के लिए आवंटित किए जाने के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध किया है। ग्रामसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर भूमि को उद्योग विभाग को आवंटित नहीं करने की मांग की गई।

इसके बाद भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री एवं जनसेवक राकेश यादव के नेतृत्व में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एसडीएम राजकुमार सोनकर तथा बालोद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ग्रामसभा के निर्णय से अवगत कराया और ग्रामहित में कार्रवाई की मांग की।
ग्राम पंचायत गंगोरीपार की सरपंच प्रीतिलता साहू की अध्यक्षता में आयोजित ग्रामसभा में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा औद्योगिक प्रयोजन के लिए शासकीय भूमि आवंटन संबंधी प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि ग्राम के खसरा नंबर-1 की 20.60 एकड़ शासकीय भूमि को औद्योगिक उपयोग के लिए चिन्हित किया गया है।
इस प्रस्ताव पर ग्रामसभा में उपस्थित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि उक्त भूमि वर्षों से गांव की सार्वजनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चारागाह, मुक्तिधाम तथा जल संरक्षण एवं जल संचयन जैसे कार्यों के लिए सुरक्षित रखी गई है। यदि इस भूमि का औद्योगिक आवंटन किया जाता है तो ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाएं और सार्वजनिक हित प्रभावित होंगे।
ग्रामसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर उद्योग विभाग को भूमि आवंटित नहीं करने का निर्णय लिया गया। ग्राम पंचायत ने यह प्रस्ताव तहसीलदार गुरूर को भी प्रेषित किया है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर ग्रामसभा के निर्णय का सम्मान करते हुए प्रस्तावित औद्योगिक आवंटन निरस्त करने की मांग की।
ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया कि गांव की सार्वजनिक उपयोग की भूमि को बिना ग्रामसभा की सहमति किसी भी औद्योगिक परियोजना के लिए आवंटित न किया जाए। उनका कहना है कि ग्रामसभा के निर्णय की अनदेखी स्थानीय स्वशासन की भावना के विपरीत होगी।
इस दौरान भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री एवं जनसेवक राकेश यादव ने कहा कि ग्रामसभा सर्वोच्च संस्था है और उसके सर्वसम्मत निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के अधिकारों और गांव की सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी तथा प्रशासन से ग्रामहित में उचित निर्णय लेने की मांग की।
ग्रामसभा में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे
सरपंच प्रीतिलता साहू, उपसरपंच पूरनलाल साहू, पंच संतोष कुमार देवांगन, भुनेश्वरी साहू, गीता साहू, ललिता साहू, पीलाबाई निषाद, सीताबाई ठाकुर, कुमारीबाई यादव, खेमेश्वरी साहू, रुपेश कुमार साहू, डोमनलाल साहू, ओमप्रकाश साहू, लक्ष्मी यादव, वीणाबाई साहू, रमशीलाबाई देवदास, वेदकुमार साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल रहे
भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री एवं जनसेवक राकेश यादव, डिलेश्वर नाई, पूरनलाल साहू, भावसिंह साहू, डोमनलाल साहू, वेदकुमार साहू, गैरलाल साहू, रामेश्वर लाल, लोमनलाल, पन्नालाल, शिखरलाल, नीलम ठाकुर, राधेलाल, रामभाऊ मुकिया, खिलेश्वर, देवराम, केशवलाल, रमशीलाबाई देवदास, खेमेश्वरी साहू, कौशल साहू, नंदकिशोर शर्मा, ईशाप्रकाश साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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