Monday, March 2, 2026

घटिया निर्माण  :- चुल्हापथरा से हितेकसा टर्निंग से बड़भूम, सांकरा तक 25 किमी सड़क ज्यादा खराब 11 करोड़ रुपए से बनी 32 किमी सड़क 5 साल भी टिक नहीं पाई, लाइनिंग के साथ गिट्टी दिख रही

 

घटिया निर्माण  :- चुल्हापथरा से हितेकसा टर्निंग से बड़भूम, सांकरा तक 25 किमी सड़क ज्यादा खराब

11 करोड़ रुपए से बनी 32 किमी सड़क 5 साल भी टिक नहीं पाई, लाइनिंग के साथ गिट्टी दिख रही।

 बालोद :- पीएमजीएसवाई की निगरानी में वर्ष 2019-20 में बालोद और गुरूर ब्लॉक को जोड़ने वाली 32 • किमी सड़क का हाल बेहाल चुका है। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि लगभग 11 करोड़ रुपए की लागत से तैयार सड़क की डामर उखड़ने के बाद लाइनिंग के साथ अब गिट्टी नजर आ रही है। चुल्हापथरा से हितेकसा टर्निंग से बड़भूम, सांकरा तक 25 किमी सड़क ज्यादा खराब होने से लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।

इसकी जानकारी पीएमजीएसवाई के ईई एस. ध्रुव से लेकर विभाग के अन्य अधिकारियों को भी है बावजूद राहत दिलाने ध्यान नहीं दे रहे हैं। नए सिरे से डामरीकरण कराना तो दूर अब तक मरम्मत नहीं करवा सके हैं। 32 किमी में से गुरूर से चुल्हापथरा तक 7 किमी सड़क चलने लायक है। जिसके बाद चुल्हापथरा से हितेकसा टर्निंग से बड़भूम, सांकरा 25 किमी सड़क में गड्‌ढों की वजह से लोग परेशान हो रहे है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ने सड़क निर्माण हुआ था। नारागांव के भीष्म पितामह साहू ने बताया कि बारिश के अलावा वर्तमान में भी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। जिम्मेदार अफसर खुद आकर यहां वास्तविकता देख सकते हैं।

पीएमजीएसवाई की निगरानी में 2019-20 में तैयार सड़क का ऐसा है हाल

 चुल्हापथरा से हितेकसा टर्निंग से बड़भूम के बीच डामर उखड़ने के बाद गिट्टी नजर आ रही है।

गड्डों की वजह से आवाजाही में परेशानी

पीएमजीएसवाई सड़क की लंबाई ग्राम पंचायत सांकरा से चूल्हापधरा के बीच 32 किलोमीटर की है। इस मार्ग पर पिछले तीन वर्षों से गड्डों की भरमार ने लोगों का चलना दूभर कर दिया है। इस मार्ग से लगे गांवों में साकरा, बरही, काडे,

नारागाव, किनारगोदी, पेटेचुवा, बढ़हूंम, नंगझर, चूल्हापथरा गुरुर शामिल हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद सुधार की कवायद नहीं किए जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों में नाराजगी है। अधिकारियों को सूचित किए जाने बाद भी मार्ग का जायजा लेने भी कोई नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क का सुधार होना चाहिए। विभाग द्वारा सड़क तो बना दिया गया, लेकिन नियमित रखरखाव नहीं होने के कारण उसमें बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं। बरसात के दिनों में पानी भर जाने के कारण पता ही नहीं चलता कि रास्ता कहां है। इसकी वजह से राहगीरों को काफी परेशानी होती है।

सड़क खराब, इन गांवों के लोग मुसीबत में

सुरेश कुरैटी, मेघनाथ सलाम, गेंदलाल कुरैटी, रोमन ओटी, रुपेंद्र गावडे, हरीशचंद्र मंडावी, हेमलाल साहू ने बताया कि गुणवत्ताहीन काम की वजह से गड्‌ढे हो चुके हैं। इसी मार्ग से ग्रामीण करहीभदर बाजार, ब्लॉक व जिला मुख्यालय आना-जाना करते हैं। जोहर उइके, सहदेव हिडको, एचके कुंजाम, एसआर कुरैटी, जीवन उइके, गौकरण ठाकुर, उमेन्द्र सलाम, माधो गोटी, सुदर्शन साहू ने बताया कि गुरूर से बड़भूम तक सड़क पर गड्ढे होने से आने-जाने में परेशान हो रही है। रोहित यादव, राकेश राणा, मनीराम सेवता, सोम प्रकाश साहू, बाबूलाल सिन्हा, परस टेकाम, रामाधीन धुव ने बताया कि रात में गड्‌ढे दिखाई नहीं देते इसलिए हादसे का खतरा है। नवीनीकरण नहीं तो कम से कम मरम्मत करा देना चाहिए। सड़क पर हीं गड्ढे तो कहीं गिट्टियां नजर आ रही है। मरकाटोला, मुजालगोंदी, कोचवाही, कंकालिन, पोंड़, भैसमुडी, अलोरी, जंगलीभेजा, बड़भूम, दुग्गाबाहरा, पेटेचुवा, हितकसा सहित कई गांव के लोग रोजाना परेशान हो रहे हैं।

अफसरों ने सही मॉनिटरिंग नहीं की

मेघनाथ, बलराम, रोमन ने बताया कि 5 साल पहले गुणवत्ताहीन काम हुआ था। वनांचल क्षेत्र होने की वजह से अफसरों ने सही ढंग से मॉनिटरिंग नहीं की। जिसका खामियाजा अब भुगतना पड़ रहा है। अगर सही ढंग से काम करवाने जिम्मेदार अफसर ध्यान देते तो यह स्थिति नहीं बनती। गड्‌ढों की वजह से लोग हादसे का शिकार हो रहे है। पिछले माह नारागांव से पेटचुवा के बीच टर्निंग के आगे गड्‌ढ़ा में बाइक सहित गिरने से कांकेर निवासी युवक घायल हुआ था। उनका दांत टूट गया था। आनन-फानन में रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सीधी बात :- एस. ध्रुव, ईई पीएमजीएसवाई

कहां से कहां खराब है, पता करवाते हैं

• 5 साल पहले गुरूर से सांकरा तक तैयार 32 किमी सड़क खराब हो चुकी है, लोग परेशान हो रहें है?

सड़क नवीनीकरण की प्लानिंग बनी है। –

• सिर्फ प्लानिंग ही बनी है या राहत भी दिलाएंगे, गुणवत्ताहीन काम होने से लोग परेशान हो रहे है?

मेरे कार्यकाल के पहले सड़क निर्माण हुआ था, बजट में इस सड़क को शामिल किया गया है।

• 32 में से 25 किमी सड़क में गड्‌ढे हो चुके है, गुणवत्ता पर ध्यान क्यों नहीं दिया?

कहां से कहां तक सड़क खराब है, पता करवाते हैं।

कब तक लोग परेशान होते रहेंगे?

– शासन से प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद सड़क को संवारने काम करवाएंगे।

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