गौरव ग्राम लिमोरा में शिक्षा व्यवस्था बदहाल: भवन और शिक्षकों की भारी कमी से नाराज ग्रामीणों का अल्टीमेटम, 8 जुलाई तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो 9 जुलाई से स्कूल में होगी अनिश्चितकालीन तालाबंदी
28 साल बाद भी हाई स्कूल और 17 साल बाद भी हायर सेकेंडरी को नहीं मिला अपना भवन, कई विषयों के शिक्षक पद रिक्त; कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बालोद। जिला मुख्यालय से लगे गौरव ग्राम लिमोरा में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। एक ओर सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और हर बच्चे तक बेहतर शिक्षा पहुंचाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर लिमोरा के छात्र-छात्राएं वर्षों से भवन और शिक्षकों की भारी कमी के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। लगातार शिकायतों और मांगों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने संयुक्त जिला कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि 8 जुलाई 2026 तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 9 जुलाई से स्कूल में अनिश्चितकालीन तालाबंदी कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम लिमोरा में हाई स्कूल की स्थापना वर्ष 1998 में तथा हायर सेकेंडरी स्कूल की स्थापना वर्ष 2009 में हुई थी। इसके बावजूद आज तक हायर सेकेंडरी विद्यालय के लिए अलग भवन का निर्माण नहीं कराया गया। वर्तमान में हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी दोनों की कक्षाएं हाई स्कूल के पुराने भवन में संचालित हो रही हैं। वर्ष 2004 और 2013 में बने सीमित कक्षों में दोनों विद्यालयों का संचालन होने से विद्यार्थियों को पर्याप्त कक्ष, प्रयोगशाला और अन्य आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
दो शिक्षकों के भरोसे चल रही प्राथमिक शाला
ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक शाला की स्थिति भी चिंताजनक है। यहां 67 विद्यार्थियों की पढ़ाई केवल दो शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रही है। शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है।
हायर सेकेंडरी में कई महत्वपूर्ण पद वर्षों से खाली
ग्रामीणों के अनुसार हायर सेकेंडरी विद्यालय में भी कई आवश्यक पद लंबे समय से रिक्त हैं। विद्यालय में प्राचार्य का एक पद, हिंदी, संस्कृत, भौतिकी और वाणिज्य विषय के एक-एक व्याख्याता, विज्ञान के दो शिक्षक तथा सहायक ग्रेड-3 के दो पद खाली हैं। उनका कहना है कि जब प्रमुख विषयों के शिक्षक ही उपलब्ध नहीं होंगे तो विद्यार्थियों के भविष्य और परीक्षा परिणाम दोनों प्रभावित होंगे।
बार-बार आवेदन, लेकिन हर बार मिला सिर्फ आश्वासन
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या को लेकर वे कई बार कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ), ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन दे चुके हैं। इतना ही नहीं, सुशासन तिहार के दौरान भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हर बार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया गया।
बच्चों के भविष्य के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान
कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों, सरपंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कहा कि यह गांव के बच्चों के भविष्य का सवाल है और अब वे किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि 8 जुलाई तक हायर सेकेंडरी स्कूल भवन की स्वीकृति, निर्माण प्रक्रिया शुरू करने तथा सभी रिक्त शिक्षकीय पदों पर नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो 9 जुलाई 2026 से स्कूल में अनिश्चितकालीन तालाबंदी कर आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष, सरपंच, छवि बल्लभ यादव, चेतन लाल, पुर्निक लाल, तामन लाल, सुखेन मानिकपुरी, अंतराम, धनराज, खिलेन्द्र सहित ग्राम लिमोरा के बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




