बिना अनुमति 29 पेड़ों की कटाई पर सख्त कार्रवाई: बीईओ ने थाना में एफआईआर की अनुशंसा की, दोषी कर्मचारियों के निलंबन का प्रस्ताव
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर हुई जांच में अवैध कटाई की पुष्टि, शासकीय हाईस्कूल बड़भूम का मामला।

बालोद।:- जिले के गुरूर विकासखंड अंतर्गत स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़भूम परिसर में बिना सक्षम अनुमति के 29 पेड़ों की कटाई किए जाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर कराई गई जांच में पेड़ों की अवैध कटाई की पुष्टि होने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) गुरूर ने दोषियों के विरुद्ध थाना गुरूर में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र सौंप दिया है। साथ ही संबंधित कर्मचारियों के निलंबन की भी अनुशंसा की गई है।
कलेक्टर को विद्यालय परिसर में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की शिकायत प्राप्त होने पर उन्होंने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए थे। निर्देश के पालन में विकासखंड शिक्षा अधिकारी गुरूर द्वारा 2 जुलाई 2026 को विद्यालय परिसर का आकस्मिक एवं विस्तृत निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान विद्यालय परिसर में 29 पेड़ों की कटाई किए जाने की पुष्टि हुई।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, पेड़ों की कटाई के लिए 23 अप्रैल 2026 को शाला विकास समिति की बैठक आयोजित कर प्रस्ताव पारित किया गया था।
इस प्रस्ताव के आधार पर शाला विकास समिति के अध्यक्ष जीवन लाल उईके एवं सदस्य श्रीमती निर्मला उईके को पेड़ों की कटाई का प्रभारी बनाया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरी प्रक्रिया में माध्यमिक स्तर के प्रधान पाठक एवं शाला विकास समिति के सचिव डोमर सिंह निषाद की प्रमुख भूमिका रही, जिनकी देखरेख में यह कार्य कराया गया।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग अथवा राजस्व विभाग से किसी प्रकार की वैधानिक अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी,
जो नियमानुसार अनिवार्य है। इसे शासकीय नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया है।
मामले की पुष्टि होने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी गुरूर ने 3 जुलाई 2026 को थाना प्रभारी गुरूर को आधिकारिक पत्र भेजकर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही शासकीय नियमों के उल्लंघन, पदीय दायित्वों के दुरुपयोग एवं शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में प्रधान पाठक डोमर सिंह निषाद सहित अन्य संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबन की अनुशंसा भी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय परिसरों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




