Tuesday, September 1, 2026

फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर 15 लाख में जमीन बेचने की साजिश का खुलासा, फरार दो आरोपी गिरफ्तार बालोद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नकदी व मोबाइल जब्त; एक आरोपी पहले ही जा चुका है जेल

 

फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर 15 लाख में जमीन बेचने की साजिश का खुलासा, फरार दो आरोपी गिरफ्तार
बालोद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नकदी व मोबाइल जब्त; एक आरोपी पहले ही जा चुका है जेल

बालोद, :– बालोद पुलिस ने फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर कृषि भूमि की बिक्री करने वाले मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 हजार रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किया है। इस मामले में एक आरोपी को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है।
ऐसे रची गई थी धोखाधड़ी की साजिश
पुलिस के अनुसार, ग्राम लाटाबोड़ निवासी डमेन्द्र कुमार गंजीर की कृषि भूमि की फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर उसे बेचने की साजिश रची गई।

आरोपियों ने असली मालिक के नाम की नकली ऋण पुस्तिका तैयार कर स्वयं को जमीन का मालिक बताकर ग्राम देवारभाट निवासी विनोद कुमार वर्मा और उनकी पत्नी कमला वर्मा से लगभग 15 लाख रुपये में जमीन का सौदा किया।
आरोपियों ने सौदे के दौरान 1.50 लाख रुपये बयाना भी प्राप्त कर लिया और फर्जी ऋण पुस्तिका सौंपते हुए इकरारनामा तैयार कराया।
फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर दर्ज हुआ मामला
जब खरीदार पक्ष को ऋण पुस्तिका फर्जी होने की जानकारी मिली तो उन्होंने अपनी बयाना राशि वापस मांगी। जांच में आरोपियों द्वारा धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने की पुष्टि होने पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।
एक आरोपी पहले गिरफ्तार, अब दो और दबोचे गए
विवेचना के दौरान पहले आरोपी नरेन्द्र बहादुर सोनी को गिरफ्तार किया गया था।

पूछताछ में उसने अपने साथी हरिशंकर गजभिये के साथ मिलकर फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार करने और जमीन बिक्री की पूरी साजिश कबूल की। उसने यह भी बताया कि बयाना राशि लौटाने के लिए खरीदार को अपने बैंक खाते के दो चेक दिए थे।

उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त वीवो कंपनी का मोबाइल भी जब्त किया गया था।
इसके बाद पुलिस ने फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों हरिशंकर गजभिये (ग्राम परसोदा) एवं श्रवण साहू (ग्राम सिकोसा) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें 28 जून 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से होने वाले भूमि संबंधी अपराधों पर लगातार कड़ी निगरानी रख रही है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
error: Content is protected !!