बालोद में नियमों की अनदेखी: सरकारी गाड़ियां अब भी बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट दौड़ रहीं
आम लोगों पर चालानी कार्रवाई, लेकिन पुलिस, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के वाहनों पर नहीं हो रहा नियमों का पालन
डीटीओ बोले :— सभी विभागों को जल्द जारी होगा पत्र, एचएसआरपी लगाना सभी के लिए अनिवार्य

बालोद :- सड़क सुरक्षा और वाहनों की पहचान को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) नियमों की जिले में खुलकर अनदेखी हो रही है।
एक अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी सरकारी और निजी वाहनों में एचएसआरपी लगाना अनिवार्य है, लेकिन बालोद जिले में कई शासकीय विभागों के वाहन आज भी पुराने नंबर प्लेट के साथ सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
जिले के पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों के कई सरकारी वाहनों में अब तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाई गई है। इतना ही नहीं, कुछ वाहनों में नंबर प्लेट तक स्पष्ट नहीं है, फिर भी उनका नियमित उपयोग सरकारी कार्यों और मरीजों के परिवहन में किया जा रहा है।
आम लोगों पर कार्रवाई, सरकारी वाहनों पर नरमी क्यों?
एक ओर यातायात पुलिस आम नागरिकों के वाहनों पर नियमों के उल्लंघन को लेकर लगातार चालानी कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी वाहनों में नियमों की अनदेखी के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इससे दोहरे मापदंड को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि नियम सभी के लिए समान हैं तो सरकारी विभागों के वाहनों पर भी उनका पालन सुनिश्चित होना चाहिए।
क्या है एचएसआरपी नियम?
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशानुसार 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाना अनिवार्य है। वर्ष 2019 के बाद पंजीकृत नए वाहनों में यह प्लेट पहले से लगी हुई मिलती है, जबकि पुराने वाहनों के मालिकों को पुरानी नंबर प्लेट हटाकर एचएसआरपी लगवानी होती है।
नियम का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत 1,000 रुपये से 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
40 से 50 प्रतिशत वाहन ही हो पाए अपडेट
जानकारी के अनुसार जिले में अब तक केवल 40 से 50 प्रतिशत वाहनों में ही एचएसआरपी लग पाई है। शेष वाहन अब भी पुराने नंबर प्लेट के साथ चल रहे हैं। परिवहन विभाग द्वारा समय पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बड़ी संख्या में वाहन मालिक अभी तक नंबर प्लेट नहीं बदलवा सके हैं।
स्थिति यह भी है कि जिले में एचएसआरपी लगाने के लिए बनाए गए अधिकांश अधिकृत सेंटर बंद हो चुके हैं। पहले की तरह विशेष शिविर या अभियान भी वर्तमान में संचालित नहीं किए जा रहे हैं, जिससे वाहन मालिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विभागों को भेजा जाएगा निर्देश
इस संबंध में जिला परिवहन अधिकारी योगेश भंडारी ने कहा कि नियम सभी के लिए समान रूप से लागू है। यदि किसी सरकारी विभाग के वाहनों में अब तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है तो संबंधित विभागों को शीघ्र पत्र जारी कर एचएसआरपी लगवाने के निर्देश दिए जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी शासकीय और निजी वाहनों में नियमों के अनुसार हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है और विभागों से भी इसका पालन कराया जाएगा।




