Monday, June 15, 2026

जिला प्रशासन बालोद द्वारा जिले को हराभरा बनाने मिशन अंकुर की हुई शुरूआत कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आमजनों को सीड बाल प्रदान कर अभियान का किया शुभारंभ

जिला प्रशासन बालोद द्वारा जिले को हराभरा बनाने मिशन अंकुर की हुई शुरूआत
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आमजनों को सीड बाल प्रदान कर अभियान का किया शुभारंभ

बालोद, :– बालोद को हरा-भरा बनाने जिला प्रशासन की अनूठी पहल मिशन अंकुर की शुरूआत आज संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने की। उन्होंने जनदर्शन में पहुॅचे लोगों से मुलाकात कर उन्हें सीड बाल प्रदान कर खाली जगहों में सीड बाल फेंकने प्रोत्साहित भी किया।

शुभारंभ अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, दुर्ग वनमंडल के वनमंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल, जिला पंचायत के सीईओ श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

सीड बॉल मिट्टी, खाद और विभिन्न उपयोगी वृक्षों के बीजों को मिलाकर बनाई गई एक छोटी सी गेंद होती है। इसे रोपने के लिए गड्ढा खोदने की आवश्यकता नहीं होती। इसे हाई ट्रेंच, जंगल, खाली जमीनों, पहाड़ियों या बंजर इलाकों में फेंक दिया जाता है।

मानसून की बारिश पड़ते ही यह अंकुरित होकर एक पौधे का रूप ले लेती है।


मिशन अंकुर के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए स्थानीय प्रजातियां (जैसे- नीम, पीपल, बरगद, मुनगा, करंज, कटहल, इमली आदि) के बीजो का उपयोग कर सीड बाॅल का निर्माण किया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत स्व-सहायता समूह के सदस्यों के द्वारा 02 लाख 50 हजार नग एवं वन विभाग के द्वारा 01 लाख नग कुल 03 लाख 50 हजार नग सीड बाॅल बनाया गया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने पानी के महत्व की जानकारी दी तथा पानी का सदुपयोग करने प्रेरित किया तथा पानी के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु सोखता गढ्ढा, रैन वाटर हार्वेस्टिंग बनाने हेतु प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष सभी के सहयोग से जिले में 03 लाख 50 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया गया। इस वर्ष भी जिले को हरभरा बनाने की सोंच को आगे बढ़ाते हुए 02 लाख 25 हजार से अधिक टेंªच का निर्माण किया गया है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि हमारे पास विभिन्न फलों जैसे- नीम, पीपल, बरगद, मुनगा, करंज, कटहल, इमली आदि के बीज रहते हैं, उसे हमें सुखाना है और मिट्टी से लपेट कर एक सीड बाल का रूप देना है, तथा खाली स्थानों पर उसे फेंकना है। जिससे वह बाल बारिश के पानी को सोखकर अंकुरित हो सकेगा और पौधे का रूप ले पाएगा। उन्होंने स्वसहायता समूह की दीदीयों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके सहयोग से सीड बाल तैयार किया गया है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जनदर्शन में पहुंचे लोगों को सीड बाल प्रदान कर उन्हें जिले को हरभरा बनाने मंे अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने प्रोत्साहित भी किया।
शुभारंभ कार्यक्रम को पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल और दुर्ग वनमंडल के वनमंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल ने भी संबोधित कर लोगों को पेड़ का महत्व बताते हुए सीड बाल के माध्यम से जिले को हराभरा बनाने प्रोत्साहित किया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने बताया कि हम दो तरह से पेड़ उगा सकते हैं। जिसमें एक तरीका है पौधे लगाना, तो वहीं दुसरा तरीका है फलों के बीज को सीड बाल बनाकर रोपना, जिससे वह बारिश के पानी में अंकुरित होकर पौधे और पेड़ का रूप ले लेता है। इस अवसर पर बिहान दीदी और जनदर्शन में पहुंचे लोग मौजूद थे।

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