कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक, विभिन्न माध्यमों से प्राप्त आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
सीएम हेल्पलाइन, सुशासन तिहार तथा समय-सीमा के प्रकरणों की हुई विभागवार समीक्षा

बालोद, :- कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि विभिन्न विभागों में आमजनों से प्राप्त हो रहे आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। जिससे कि जिलेवासियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो सके। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए हैं। बैठक में आमजनों की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने हेतु शुरू किए गए सीएम हेल्पलाइन के जिले में बेहतर क्रियान्वयन हेतु सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ ही सीएम हेल्पलाइन के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्री आशीष पेंद्रो सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का निर्धारित समयावधि में लाभ उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का गुणवत्तायुक्त ढंग से निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। सीएम हेल्पलाइन सेंटर सप्ताह के सातों दिन एवं 24 घण्टा संचालित रहेगा। इसके माध्यम से प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 एवं 18002333300 के अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप जैसे आधुनिक माध्यमों में से किसी भी एक माध्यम से किसी भी समय आसानी से अपना शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सीएम पोर्टल में शिकायत दर्ज होने के साथ ही उन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी। जिसके माध्यम से शिकायतकर्ता को उनके शिकायत से संबंधित विभाग, अधिकारी के पास लंबित होने की जानकारी तथा कार्यवाही की प्रक्रिया के अलावा समाधान में लगने वाले समय आदि से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो जाएगी। समय-सीमा की बैठक में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की विभागवार समीक्षा की गई तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में समय-सीमा के लंबित प्रकरणों, सीएम जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, पीजीएन अंतर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई।




