*जनहित में समर्पित जनसेवक उमेश कुमार सेन की पहल पर बालोद में अवैध खनन का बड़ा खुलासा, रात के अंधेरे में धड़ल्ले से चल रहा मुरम और मिट्टी का अवैध कारोबार*

बालोद :- *बालोद नगर पालिका क्षेत्र से कुछ ही दूरी पर अवैध भूमि खनन का खेल तेजी से पनप रहा है*। मुरम और मिट्टी की अवैध निकासी खुलेआम जारी है, जिससे शासन के नियमों और पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रावधानों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। विशेष चिंता का विषय यह है कि दिन के समय जहां सब कुछ सामान्य दिखाई देता है, वहीं रात होते ही पूरा क्षेत्र अवैध गतिविधियों का अड्डा बन जाता है। रात 11 बजे के बाद भू-माफिया पूरी तरह सक्रिय हो जाते हैं और अंधेरे का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर अवैध खनन को अंजाम दिया जाता है। भारी मशीनों, जेसीबी और हाईवा वाहनों के माध्यम से लगातार मुरम एवं मिट्टी की चोरी की जा रही है। यह अवैध खनन बालोद नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत अटल आवास के आगे रामनगर जाने वाले मार्ग पर, नर्सरी से कुछ दूरी आगे दाहिनी ओर धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार रातभर मशीनों की आवाज और भारी वाहनों की आवाजाही से क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित जिम्मेदार विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। जनहित में समर्पित जनसेवक उमेश कुमार सेन को जब इस अवैध खनन गतिविधि की जानकारी प्राप्त हुई, तब उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया तथा वहां संचालित गतिविधियों से संबंधित आवश्यक जानकारियां एकत्रित कीं। निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में खनन गतिविधियों के स्पष्ट संकेत एवं भारी वाहनों की आवाजाही देखी गई, जिससे स्थानीय नागरिकों की शिकायतों को और बल मिला। इस अवैध कारोबार से शासन को लाखों रुपए के राजस्व की क्षति पहुंच रही है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संतुलन, भूमि संरचना और आसपास के प्राकृतिक संसाधनों पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। लगातार हो रहे खनन से भविष्य में भूमि धंसान, जलस्तर प्रभावित होने तथा सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त होने जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि रात के अंधेरे में खुलेआम इतने बड़े स्तर पर अवैध खनन हो रहा है, तो बिना संरक्षण या मिलीभगत के यह संभव नहीं माना जा सकता। जनहित में प्रशासन से मांग की जा रही है कि उक्त स्थल की तत्काल जांच कर अवैध खनन में संलिप्त व्यक्तियों, मशीन संचालकों एवं संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शासन को हो रहे नुकसान और पर्यावरण विनाश पर समय रहते रोक लगाई जा सके।




