Friday, May 8, 2026

जिला अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं नेत्र 4643 मोतियाबिंद ऑपरेशन कर बालोद जिले ने हासिल की शत-प्रतिशत उपलब्धि

 

जिला अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं नेत्र 4643 मोतियाबिंद ऑपरेशन कर बालोद जिले ने हासिल की शत-प्रतिशत उपलब्धि


बालोद,:- 
जिला अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम इकाई बालोद के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं नेत्र परीक्षण कार्यक्रम में जिले ने शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे. एल. उईके के मार्गदर्शन तथा जिला नोडल अधिकारी अनिल कुमार सिन्हा के नेतृत्व में यह सफलता प्राप्त हुई।

जिले में मोतियाबिंद ऑपरेशन का लक्ष्य 3500 निर्धारित था, जिसके विरुद्ध कुल 4643 मरीजों का सफल ऑपरेशन जिला अस्पताल एवं गैर सरकारी संस्थाओं (NGO) के सहयोग से किया गया। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नेत्र सहायक अधिकारियों द्वारा मरीजों का पंजीयन कर उन्हें ऑपरेशन हेतु जिला अस्पताल एवं NGO में रेफर किया गया।


स्कूल नेत्र परीक्षण कार्यक्रम के तहत 1410 दृष्टिदोष वाले छात्र-छात्राओं को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। वहीं अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम एवं NGO के सहयोग से 2175 लोगों को नजदीकी नजर के चश्मे निःशुल्क प्रदान किए गए।
नेत्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत 10 के लक्ष्य के विरुद्ध 4 नेत्र एकत्र कर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर भेजे गए, जिससे 4 व्यक्तियों को नेत्र ज्योति प्राप्त हुई।
सबसे अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन कराने में प्रथम स्थान सीएचसी गुरूर, द्वितीय सीएचसी बालोद तथा तृतीय स्थान सीएचसी गुण्डरदेही को प्राप्त हुआ। उत्कृष्ट कार्य करने वाले नेत्र सहायक अधिकारियों को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।


व्यक्तिगत उपलब्धि में श्याम सुन्दर देवांगन (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी, गुरूर) प्रथम, धर्मेन्द्र देशमुख (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सांकरा, बालोद) द्वितीय तथा दिनेश सिन्हा (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिखलाकसा, डौण्डी) तृतीय स्थान पर रहे।
जिला अस्पताल में डॉ. एल. एन. वर्मा एवं डॉ. मधु ठाकुर द्वारा सप्ताह में दो दिन निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में अब तक कुल 295 सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं। साथ ही 40 बिस्तरों वाला डेडिकेटेड आई ओटी एवं वार्ड का संचालन भी पिछले दो माह से प्रारंभ हो चुका है।
कार्यक्रम की सफलता में सभी बीएमओ, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों एवं मितानिनों का विशेष योगदान रहा।

 

 

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