अस्पताल में धूल फांक रही सोनोग्राफी मशीन, डॉक्टर साहब प्राइवेट में काट रहे चांदी!
मोहला सरकारी अस्पताल का हाल :-सरकारी सिस्टम को ठेंगा दिखा रहे जिम्मेदार, अफसरों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी :- प्रदेश की सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लाख दावे करे, लेकिन जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के मोहला सरकारी अस्पताल में हकीकत इसके उलट है। यहाँ करोड़ों की लागत से आई सोनोग्राफी मशीन पिछले लंबे समय से धूल फांक रही है, जबकि गरीब मरीज निजी केंद्रों में महंगे दामों पर जांच कराने को मजबूर हैं।
विशेषज्ञ और मशीन दोनों उपलब्ध, फिर भी सुविधा बंद
आश्चर्य की बात यह है कि मोहला अस्पताल में न केवल सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध है, बल्कि इसके लिए प्रशिक्षित स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. की तैनाती भी की गई है। नियमतः अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को इस सुविधा का लाभ सरकारी दर पर मिलना चाहिए। लेकिन हकीकत यह है कि मशीन होने के बावजूद यहाँ आज तक सोनोग्राफी शुरू नहीं हो पाई है।
*नियमों की धज्जियां: सरकारी ड्यूटी छोड़ प्राइवेट प्रैक्टिस पर जोर*
क्षेत्र में चर्चा का विषय यह है कि वही डॉक्टर, जो सरकारी अस्पताल में मशीन न चलने का बहाना पाले हुए हैं, वे नियम विरुद्ध तरीके से प्राइवेट अस्पतालों में जाकर धड़ल्ले से सोनोग्राफी कर रहे हैं। सरकारी डॉक्टर का इस तरह बेखौफ होकर निजी प्रैक्टिस करना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
जब डॉक्टर के पास प्राइवेट क्लीनिक में सोनोग्राफी करने का समय और हुनर है, तो फिर सरकारी अस्पताल में मशीन क्यों बंद है? क्या यह सब जानबूझकर किया जा रहा है ताकि गरीब मरीज निजी केंद्रों की ओर रुख करें?
अफसरों की मिलीभगत या इच्छाशक्ति का अभाव?
जनता के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या यह महज प्रशासनिक देरी है या फिर बड़े अधिकारियों और प्राइवेट हॉस्पिटल माफियाओं के बीच की कोई सांठगांठ? उच्चाधिकारियों को इस बात की पूरी जानकारी होने के बाद भी अब तक डॉक्टर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना, इस मिलीभगत की आशंका को और पुख्ता करता है।
मरीजों पर दोहरी मार
• आर्थिक बोझ:- सरकारी अस्पताल में मुफ्त होने वाली जांच के लिए मरीजों को निजी केंद्रों में ₹800 से ₹1500 तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
• परेशानी: दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों को शहर के चक्कर काटने पड़ते हैं।
प्रशासन को चाहिए कि वे इस मामले का तत्काल संज्ञान लें और ऐसे डॉ. सहित उन तमाम अधिकारियों पर कार्रवाई करें जिनकी लापरवाही से सरकारी मशीन कबाड़ बन रही है।
-: प्रशासन से सवाल :-
• मोहला CHC में सोनोग्राफी मशीन और विशेषज्ञ डॉक्टर होने के बावजूद सुविधा शुरू क्यों नहीं हुई है ?
• क्या प्रशासन एवं उच्च स्वास्थ्य अधिकारियों के संज्ञान में है कि सरकारी डॉक्टर ड्यूटी के दौरान या नियमों के विरुद्ध निजी अस्पतालों में सोनोग्राफी कर रहे हैं ?
• निजी प्रैक्टिस की खुली छूट देने वाले ऐसे डॉक्टरों पर अब तक अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई ?




