Monday, March 2, 2026

प्राथमिक वन उपज सहकारी समितियों के अध्यक्षों ने की यज्ञदत्त शर्मा से सौजन्य भेंट, दी नवीन दायित्व की बधाई

 

प्राथमिक वन उपज सहकारी समितियों के अध्यक्षों ने की यज्ञदत्त शर्मा से सौजन्य भेंट, दी नवीन दायित्व की बधाई

बालोद, :- 13 दिसंबर। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा से आज बालोद स्थित उनके निवास में प्राथमिक वन उपज सहकारी समितियों के अध्यक्ष संघ ने सौजन्य मुलाकात की। प्राथमिक वन उपज सहकारी समिति बालोद अध्यक्ष लोचन सिन्हा के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की।

नवीन दायित्व की दी बधाई, जताया सीएम का आभार;

बता दें कि बालोद जिले में प्राथमिक लागू वनोपज समिति मर्यादित के कुल 17 समिति है। अध्यक्ष संघ ने राज्य वनोपज संघ में यज्ञदत्त शर्मा को नवीन दायित्व की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व भाजपा संगठन का आभार व्यक्त किया।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद;

इस अवसर पर प्राथमिक वन उपज सहकारी समिति बालोद के अध्यक्ष लोचन सिन्हा, टेकापार कुशल मंडावी, लोहारा नेतराम भांडेकर, घोटिया लीलाराम टेकाम, बड़भूम एवं गुरुर सहकारी समिति की अध्यक्ष हीराबाई गंगबेर, सरिता साहू, चैतराम गांवरे डौंडी, युवराज सिंह गैंजी, थानसिंह मंडावी रेंगाडबरी, चतुर सिंह तारम भर्रीटोला, अमोलीराम लोहारटोला, सालिक राम, रोहित भास्कर, भाना बाई, लता बाई मंडावी, कमलेश्वरी मंडावी, हेमिन बाई, केशव राम साहू सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

तेंदूपत्ता संग्राहकों के जीवन मे उजियारा बिखेरने का काम कर रही साय सरकार;

शर्मा के सफल कार्यकाल की कामना करते हुए अध्यक्ष संघ ने बताया कि, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा राशि 5500 रुपए किए जाने के बाद संग्राहकों में अपार खुशी है। साय सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों का ध्यान रखते हुए उनके जीवन में उजियारा बिखेरने का काम किया है।

सकारात्मक कार्रवाई का दिया आश्वासन;

प्रतिनिधिमंडल ने उपाध्यक्ष शर्मा को विभिन्न मांगों से अवगत कराया और उनके समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। उपाध्यक्ष ने सभी बिंदुओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बालोद में मूल्य संवर्धन इकाई शुरू करने का सुझाव;

सहकारी समितियों के अध्यक्षों ने बताया कि, इमली और पलाश दोनों ही जिले में महत्वपूर्ण लघु वनोपज हैं, जो स्थानीय और जनजातीय समुदायों की आजीविका का एक प्रमुख स्रोत हो सकता हैं। संग्राहकों को वनोपज का उचित प्रतिफल सुनिश्चित करने के लिए एक रणनीतिक हस्तक्षेप के रूप में लघु वनोपज मूल्य संवर्धन इकाई शुरू करने का सुझाव भी दिया। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि, जिले के बड़भूम के आसपास क्षेत्रों में एक विपणन इकाई स्थापित की जा सकती है।

सरकार संग्राहक परिवार के विकास और जनकल्याण के प्रति संकल्पबद्ध :- यज्ञदत्त

उपाध्यक्ष शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार संग्राहक परिवार के विकास और जनकल्याण के प्रति संकल्पबद्ध है। वनोपज संघ के माध्यम से शासन की अनेक योजनाएं और हितग्राहीमूलक कार्यक्रम ज़मीनी स्तर तक पहुंचते हैं। उन्होंने सभी अध्यक्षों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण और पारदर्शिता के साथ करें तथा संग्राहक परिवार की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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