मौसम में नमी एवं ठंड बढ़ने के कारण स्वास्थ्य विभाग हुआ सतर्क मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जे. एल उइके ने, शीतलहर से बचाव के लिए जनों से की अपील

बालोद :- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बालोद के द्वारा नवम्बर माह से मौसम में परिवर्तन के कारण शीतलहर एवं ठंड से बचाव की स्थिति से रोकथाम व बचाव हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये है।
जिसमे बताया गया है कि शीतलहर एवं ठंड से बचाव के तरीके के तहत शीतलहर के समय घर के अंदर ही रहने की कोशिश करें।
पर्याप्त मात्र में गर्म कपड़ों की उपलब्धता रखकर उपयोग करे। मौसम में परिवर्तन एवं आपातकालीन संबंधी सूचना हेतु समस्त प्रकार के मीडिया, चैनलों, अखबारों का अवलोकन करते रहे।
बुजुर्ग व्यक्तियों, बच्चों एवं अकेले जीवन यापन कर रहे पड़ोसियों का विशेष ख्याल रखे। आकस्मिक, आपातकालीन सामाग्री एवं सुविधाएं अग्रिम रूप से रखा जाना सुनिश्चित करें।
शीतलहर के समय किसी एक कक्ष का चयन कर हीटर, अन्य यंत्र के द्वारा गरम रखा जावें। शरीर को गर्म रखने के लिए नियमित रूप से गर्म पेय पदार्थ का सेवन करते रहे। बिजली न होने की स्थिति
में फ्रिज के दरवाजे सही तरीके से बंद रखकर भोज्य पदार्थों को अधिकतम 48 घंटे तक सुरक्षित रखा जा सकता है। समुचित कपडे पहने, कोशिश करें की मोटी परत वाले कपडों का इस्तेमाल हो। कैप, कनटोप व मफ्लर का उपयोग शरीर का तापमान क्षय होने से बचाती है। कैरोसीन हीटर या कोयला भट्टी, सिगड़ी के धुएं के जहरीली कणों से बचे व अनुकुलित वेन्टीलेशन सुनिश्चित करें।
शरीर सुन्न पड़ने, कपकपी और थकान पर तुरंत डॉक्टर से मिले-स्वास्थ्य विभाग
शरीर को गर्म रखने हेतु शुद्ध गर्म भोजन का सेवन करें एवं बिना एल्कोहल वाले पेय पिये। शीतदंश, कान, नाक, उंगलियों का सफेद या पीला दिखाई देना या सुन्न पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सुविधा लेवें। शरीर का ठंडा पड़ जाना, अनियंत्रित कपकपी, याददास्त में कमी, जबान लड़खड़ाना, सुस्ती एवं एकदम थकान महसूस होने पर चिकित्सक से मिले। उपरोक्त जानकारियों ज्यादा से ज्यादा साझाकर अपने तथा अपनों को शीतलहर के चपेट में आने से रोकथाम करने का अपील किया जाता है।




