जिला मुख्यालय में तीसरे दिन भी जलापूर्ति ठप : पालिका के पास नहीं कोई वैकल्पिक व्यवस्था, कई वार्डों में हाहाकार

बालोद :- जिला मुख्यालय में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था तीसरे दिन भी ठप रही। शहर के सैकड़ों घरों तक पानी नहीं पहुंचा। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पालिका प्रशासन की लापरवाही से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जल आपूर्ति ठप होने के बावजूद नगर पालिका के पास कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। शहर के अधिकांश वार्ड प्रभावित हैं।
पालिका कर्मचारियों के अनुसार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में मोटर के खराब हो जाने के कारण जलापूर्ति ठप पड़ी है। कर्मचारी मोटर को सुधारने में जुटे हैं, लेकिन अब तक उसे चालू नहीं किया जा सका है। उल्लेखनीय है कि रविवार को भी पानी सप्लाई नहीं हो पाई थी। उस समय नगर पालिका सीएमओ ने दूसरे दिन व्यवस्था सामान्य होने का दावा किया था। जो अब पूरी तरह खोखला साबित हुआ।
शहर के सबसे अधिक प्रभावित वार्डों के लोगों में गहरी नाराजगी है। कई वर्षों से बालोद में मोटर जलने और बार-बार खराब होने की समस्या बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर की मूलभूत आवश्यकताएं, पानी, बिजली और सड़क आज भी उपेक्षा का शिकार हैं।
लोगों का यह भी कहना है कि जब नगरपालिका गंगासागर तालाब में अनुपयोगी वाटर फाउंटेन पर खर्च कर सकती है तो नागरिकों की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान क्यों नहीं दे सकती? अब देखना यह है कि जिला मुख्यालय की जल व्यवस्था आज बहाल हो पाती है या एक बार फिर जनता को राम भरोसे रहना पड़ेगा।




