➡️ पुलिस कार्यालय बालोद में हुई गौवंश तस्करी पर और अधिक लगाम कसने विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा।
➡️ गौ-वंश व दुधारू पशुओ, परिवहन/तस्करी, वध एवं मांस बिक्री आदि घटनाओं को रोकने हेतु दिए निर्देश ।
➡️ गौ तस्करी में संलिप्त संदिग्ध लोगों की पहचान एवं उनके गतिविधियों पर सतत निगाह,, संदिग्ध वाहनों की पहचान करने समस्त थाना प्रभारियों को दिए निर्देश।
➡️गोवंश को आवारा रोड में छोड़ने वाले पशुपालकों पर प्रभावी कार्यवाही करने के दिए सख्त निर्देश

बालोद :- आज दिनांक 14/08/2025 को पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में पुलिस कार्यालय बालोद मे गौवंश तस्करी जैसे अवैध कार्य पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने हेतु बालोद जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारियों तथा गौ सेवक के साथ मीटिंग आयोजित की गई। इस बैठक में सभी राजपत्रित अधिकारी एवं जिले के समस्त थाना प्रभारियों को विशेष निर्देश प्रदान किए गए।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि :—

जिले की सीमाओं पर रात्रिकालीन एवं आकस्मिक जांच को और सुदृढ़ चेकिंग किया जाए।
अंतरराज्यीय व अंतरजिला मार्गों पर निगरानी एवं नाकाबंदी प्वाइंट बढ़ाए जाएं।
अवैध रूप से गौवंश परिवहन करने वाले वाहनों को चिन्नांकित कर आकस्मिक चेकिंग करें एवं अवैध गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर तत्काल कानूनी कार्यवाही करते हुए जप्ती की कार्यवाही कर राजसात की प्रक्रिया करें l गौ-सेवकों के साथ पुलिस समन्वय स्थापित करें एवं सूचना के आधार पर त्वरित कार्यवाही हेतु अग्रसर हो , साथ ही कानून के दायरे में रहकर गोवंश तस्करी करने वाले लोगों की पहचान कर कार्यवाही करेंl अवैध गतिविधि में सलिप्त लोगों के संपत्ति का चिन्ह्यांकन कर कुर्की की कार्यवाही की प्रक्रिया करने निर्देश दिए गएl
पूर्व में हुए अपराध में प्रयुक्त वाहनों को राजसात करने, राजसात वाहनों की नीलामी, फरार आरोपियों के सम्पत्ति का चिन्हांकन एंव कुर्की की कार्यवाही, गौ-वंश प्रकरणों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी करने हेतु निर्देशित किए।
मवेशियों के परिवहन के दौरान पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, छत्तीसगढ़ गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने थाना प्रभारियों को स्पष्ट हिदायत दिया गया।
किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय होगी।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि बीते कुछ माह में पुलिस की सक्रियता से कई गौवंश तस्करी के मामले पकड़े गए हैं, जिनमें आरोपियों को जेल भेजा गया है और वाहनों को जब्त किया गया है। आगे भी इस दिशा में और अधिक सक्रिय गश्त, खुफिया तंत्र की मजबूती, एवं तकनीकी निगरानी का प्रयोग किया जाएगा।
गौसेवकों एवं आम जनता से भी अपील की कि यदि किसी को गौवंश तस्करी या अवैध परिवहन की सूचना मिलती है, तो तत्काल निकटतम थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। उक्त मीटिंग में आवारा पशुओं के कारण दुर्घटना होने वाले क्षेत्र की पहचान कर क्षेत्र में पेट्रोलिंग करने आवारा पशुओं को मुख्य मार्ग से हटाने निर्देश दिए गए। ऐसे गौपालक जो अपने पशुओं को आवारा छोड़ रहे हैं उनकी पहचान कर कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
उक्त मीटिंग में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर, SDOP बालोद देवांश सिंह राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती डॉ चित्रा वर्मा, DSP राजेश बागड़े समेत जिले के सभी थाना प्रभारी और जिले के गौ सेवक उपस्थित रहें।




