बालोद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में होगा सुधार, सुधरेगी बदहाल व्यवस्था
जिला मुख्यचिकित्सा एवं अधिकारी डॉ. जे . एल . उइके ने अपने सभी विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारियों की लिए बैठक, दिये कड़े निर्देश

बालोद :- बालोद जिले के बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने की कवायद तेज हो गया है। डाॅ जे.एल. उईके के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बालोद का पदभार ग्रहण करते ही स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरूस्थ करने का प्रयास शुरू कर दिया है। इसके अलावा अस्पतालों में डाॅक्टरों और अन्य स्टाॅफ का डाटा भी खंगाला जा रहा है।

कर्मचारियों की बैठक लेकर मंगाया जा रहा खाखा
डाॅ जे.एल. उईके ने जिस दिन से बालोद जिला स्वास्थ्य विभाग का पदभार सम्भाला है उसके दूसरे दिन से ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की बैठक ले रहे हैं और बैठक के माध्यम से बालोद जिले के स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित जानकारियों को मांगा गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ अधिकारियों कर्मचारियों को गंभीरता से कार्य करने के लिए कड़े निर्देश भी दे दिये गये हैं। कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी भी सीएमएचओ के द्वारा दी गई है कि किसी तरह की लापरवाही किये जाने पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

डाॅक्टरों की कमी होगी दूर
बालोद जिले का एक मात्र सौ बिस्तरों वाले जिला अस्पताल में कई बिमारियों के विशेषज्ञों की कमी है। जिसको लेकर कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने गंभीरता दिखा है और मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डाॅ.जे.एल. उईके को जल्द डाॅक्टरों की कमी को पूरा करने के निर्देश दिये हैं। जिसके बाद सीएमएचओ द्वारा डाॅक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए प्रयास तेज कर दिया गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि बहुत जल्द जिला अस्पताल में डाॅक्टरों की कमी दूर कर ली जायेगी।

अस्पतालों में होंगे पर्याप्त कर्मचारी
सीएमएचओ डाॅ जे.एल. उइके ने बालोद जिले के सभी विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी से अस्पतालों की जानकारी मांगी है। जिसमें अस्पताल में कर्मचारियों की संख्या, रिक्त पदों की संख्या के साथ ही अस्पतालों की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है। जानकारी मिलने के बाद जिन अस्पतालों में आवश्यकतानुसार अधिक कर्मचारी होंगे उसे कर्मचारियों की कमी वाले अस्पताल में भेजा जायेगा ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था सूचारू रूप से संचालित हो सके।




